मेरी शादी की सालगिरह कैसे मनी, चूत चुदाई की सेक्सी कहानी-2
मेरी सारी प्लानिंग की माँ चुद गई, सोचा था कि शादी की सालगिरह पर पति से खूब चुदवा कर अन्तर्वासना पर सेक्सी कहानी भेजूंगी, पर पहली रात मेरे पति मुझे चोद कर सो गए, अगले दिन उन्हें टूअर पर जाना था.
रात की चुदाई के बाद दोनों नंगे सो गए, सुबह उठे तो कपड़े पहन कर मैं फ्रेश हुई, नाश्ता बनाया और तब तक मेरे पति भी फ्रेश होकर आ गए।
सुबह 9 बजे ही वो अपने काम से 3 दिन के लिए बाहर चले गए।
थोड़ी देर बाद उनका फोन आया कि ट्रेन मिल गई है और ‘अब आराम से रहना! बोल कर फ़ोन काट दिया।
तभी दरवाजे पर घण्टी बजी, मैं टाइम देखते हुए सोचने लगी कि 10 बजे कौन आया होगा?
मैंने जाकर दरवाजा खोला।
‘नमस्ते भाभी जी!’
यह रोनित है, मेरे पति के ऑफिस में काम करता है।
मैंने मुस्कुरा कर अन्दर आने का इशारा किया, उसने अंदर आते ही मुझे पीछे गले लगा लिया, मैंने किसी तरह दरवाजा बंद किया और डांटते हुई बोली- कोई देख लेता तो?
वो मुझे चूमते हुए बोला- आज तक किसी ने देखा क्या..
मुझे भी हँसी आ गई।
आप लोग सोच रहे होंगे कि ये क्या…
तो बता दूँ कि मैंने ऊपर भी लिखा है कि मैं अपनी जवानी का पूरा मजा ले रही हूँ।
कॉलेज में मस्ती करने लगी थी, कॉलेज में मैंने 3 यारों के साथ अपनी जवानी रंगीन की थीं, एक तो कॉलेज का प्रोफेसर था.
रोनित से मैं 5 महीने पहले मिली थी, शादी के बाद मैंने अपने पति के साथ मजे किये थे जबकि शादी से पहले और कॉलेज के बाद भी मैं दो आशिकों के साथ मस्ती करती थी.
पति अच्छी चुदाई करते हैं पर मेरे मन नहीं भरता था।
उस दिन रोनित जब आया तो मैंने उसे अपने शरीर पर आँख सेकते औऱ अपना लंड ठीक करते देखा था.
उसे मेरे पति के टूर पे जाने का पता था फिर भी मैंने पूछा- ऑफिस नहीं जाना क्या?
वो मुस्कुराते हुये- आधे दिन की छुट्टी ली है।
अब रोनित मेरे सामने आ गया और अपने होंठों को मेरे होंठों पे लगा दिया. हम दोनों एक दूसरे को चूमने लगे, उसके हाथों ने मेरी शरीर को सहलाना शुरू कर दिया, मैं भी उसके शर्ट के बटन खोलने लगी।
चूमते चूसते चाटते एक दूसरे के कपड़े खोलने लगे, अब मैं उसके सामने काली ब्रा पेंटी में थी और वो अपनी अंडरवियर में!
मैंने उसकी अंडरवियर नीचे करते हुए उसे सोफे पर बैठने का इशारा किया।
उसका मूसल सा लंड मेरे सामने था, मैंने नीचे बैठते हुए उसके लंड को हाथों में लेकर एक चुम्मी दी और लंड को मुँह में लेकर चूसने लगी.
वो आहें भरने लगा, फिर सामने आकर मेरी ब्रा खोल दी, मेरी चुची पकड़ कर मसलने लगा।
मैं उसके लंड चूस चूम रही थी, उसका लंड मेरी गले में पूरी तरह भरा हुआ था, वो मेरे मुँह को चोदने लगा ‘हहह अहह हहह आह हहह’ उसने मेरा सर अपने लंड पे दबा दिया- चूस साली चूस… अच्छी तरह से चूस… ऐसे…
अब वो पूरे जोश में आ गया था, मेरी हालत खराब हो रही थी.