पत्नी से धोखा या तन की जरूरत
नमस्ते अन्तर्वासना के प्रिय पाठको,
मेरी हिंदी शुद्ध नहीं है, और न ही मैं कोई लेखक हूँ। आशा है कि मेरे लेख में हुई गलतियों को आप अनदेखा कर देंगे।
उम्मीद है कि आप सभी मजे और हंसी ख़ुशी अपना जीवन व्यतीत कर रहे होंगे।
मेरा नाम राजीव है, मैं महाराष्ट्र से हूँ। मेरी उम्र 28 साल है, मैं शादीशुदा हूँ। शादी से पहले मेरी कभी कोई गर्लफ्रेंड नहीं थी। मैं थोड़ा पुराने ख्यालों वाला व्यक्ति हूँ, मेरे विचार हमेशा से ऐसे ही रहे हैं कि एक ही लड़की से प्यार करूँ और अपना सब कुछ उसे ही सौंप दूँ। अगर फिल्मों की भाषा में कहा जाये तो अपना सब कुछ उसी पर न्यौछावर कर दूँ।
25 साल की उम्र में मेरी शादी एक बहुत ही सुशील और अच्छे घर परिवार वाले लड़की से हुई। मैं बहुत ही खुश था, मुझे बहुत ही सुन्दर, सुशील पत्नी जो मिली थी।
सुहागरात पर हमारा सेक्स बहुत ही साधारण सा था। मुझे लगा था कि नए घर परिवार एवम् नए रिश्ते की वजह से मेरी पत्नी असहज थी और यह ठीक भी था।
पर जैसे जैसे हम एक दूसरे जो जानने लगे तब पता चला कि मेरी पत्नी को सेक्स में ज्यादा रूचि ही नहीं है। वह सेक्स को सिर्फ बच्चे पैदा करने का माध्यम मानती है।
शुरू शुरू में मैंने बहुत प्रयास किये, कामसूत्र की किताब के सब नुस्खे आजमा के देख लिए। जब पहली बार मैंने उसकी योनि चाटने का प्रयास किया तब वह रूठ के कमरे के बाहर ही निकल गई।
दूसरे दिन मनाने पर उसने कहा कि वह सब गलत और गन्दा है और वचन मांगा कि मैं ऐसा कुछ दुबारा नहीं करूँगा।
समय के साथ साथ मेरी पत्नी बिस्तर में और भी ज्यादा ठंडी होती गई। शादी के छः माह बाद वह गर्भवती हो गई। उसके बाद हमारा बेटा पैदा होने तक उसने मुझे उसे हाथ भी लगाने नहीं दिया।
बेटे के आने के बाद 5 माह बाद जब मैंने फिर से उसे सेक्स के लिए कहा तब उसने मुझे कहा कि जब हम दूसरा बच्चा चाहेंगे, तब कर लेंगे।
मैंने उसे फिर से विस्तार से समझाया कि सेक्स इंसान की जरूरत है। जैसे शरीर को स्वस्थ रखने के लिए खाने की जरूरत होती है वैसे ही सेक्स की भी होती है।
मैंने उसे ऑनलाइन सारे वैज्ञानिक लेख भी पढ़ने को दिए।
पर सब बेकार गया।
मैं जब भी सेक्स की इच्छा रखता, वह अपनी साड़ी उठा कर के बिस्तर पे लेट जाती और जल्दी से मुझे मेरा काम खत्म करने को कहती।
सेक्स के दौरान वह बिस्तर पर किसी निर्जीव वस्तु की तरह पड़ी रहती।
मेरी पत्नी एक बहुत ही अच्छी गृहिणी है, एक उत्तम माँ है, सभी का पूरे दिल से ख्याल रखती है।
मैं हमेशा से औरतों की इज्जत करने वाला व्यक्ति रहा हूँ, हमेशा से पुरुष और औरत को एक समान मानता आया हूँ। इसी लिए मैंने मेरी पत्नी के इच्छा के विरूद्ध उससे सम्बन्ध बनाना ठीक नहीं समझा।