साली को चोदा
ये कहानी आज से 6 महीने पहले की है जब हम अपनी दूसरी साली की शादी में गये थे बड़ौदा, मेरी पहली साली की शादी को 6 महीने हुए थे।
वो भी अपनी बहन की शादी की तैयारी के लिये आई थी।
मेरी साली का नाम है गीता, हम सब शादी से 1 हफ़्ते पहले गये थे।
उसका पति नहीं आया था।
वो करीबन होगी 24 की।
वो भी मेरी बीवी की तरह ही बहुत सेक्सी थी, वैसे साली का फ़ीगर होगा 36-29-38 उसके बूब तो बहुत ही सेक्सी थे जब वो चलती थी तो उसके बूब्स हिलते थे ये देख कर कोई भी आदमी मचल जाये।
उसके पति की अक्सर नाइट ड्युटी रहती थी।
मैं जब भी उसके घर पर जाता तो उसको देखता ही रहता और उसको चोदने के बारे में सोचा करता के काश इस को चोद सकूँ।
एक दिन जब रात को सोने गये तो एक रूम में पूरा सामान पड़ा था इस लिये हम सब एक साथ ही सो गये। पहले मेरे बगल मे मेरी वाइफ़ तब साली।
रात को जब मैं पानी पीने उठा तो वापस आकर देखा तो मरी जगह पर मेरी वाइफ़ थी।
इसलिये में साली और मेरी वाइफ़ के बीच में सो गया।
मुझे नींद नहीं आ रही थी।
थोड़ी देर के बाद मेरी साली ने अपने पैर मेरे पैरों पर रख दिया।
उसने नाइटी पहनी थी और वो उसके घुटने तक ऊपर हो गयी थी।
मेरा लंड खड़ा हो गया और पूरा टेंट बन गया।
फिर मैंने भी अपना हाथ उसके ऊपर रख दिया।
थोड़ी देर के बाद जब वो कुछ न बोली तब मैंने अपने हाथ को थोड़ा ऊपर लेके उसके एक बूब पर रख दिया और धीरे से दबाने लगा।
वो धीरे से मेरे पास आ गई तो मुझे लगा रेस्पोंस मिल रहा है।
ओर मैंने फिर दूसरे बूब को दबाने लगा।
फिर वो मेरी तरफ़ घूम गई तो मैंने अपने हाथ उसके नाइटी में ऊपर से डाल कर उसके टिट्स को दबाने लगा।
वो मचलने लगी और मुझे कान में कहा स्टोर रूम में चलते हैं।
फिर वो उठके दूसरे रूम मे चली गई और मैं भी उसके पीछे चला गया और स्टोर रूम का दरवाजा बंद कर दिया।
उसको मैंने पीछे से पकड़ कर उसके बूब्स दबाने लगा।
उसने कहा- आहिस्ता, आहिस्ता।
फिर मैंने उसकी नाइटी को ऊपर उठा कर पूरा निकाल दिया और उसको किस करने लगा।
मैंने उसकी ब्रा भी निकाल दी और उसके टिट्स को हाथ से दबाने लगा।
उसकी सांसे तेज हो रही थी।
उसने मुझे बूब्स चूसने को कहा और मैंने उसका दायाँ बूब्स चूसने लगा और पूरा चाटने लगा।
थोड़ी देर के बाद दूसरा बूब्स भी चूसा।
अब मैंने धीरे से उसका पेटीकोट को ऊपर कर के अपना हाथ उसकी पैंटी में डाल दिया और बूब्स भी चूसता रहा।
उसकी चूत पर बाल नहीं थे और पूरी गीली हो गई थी।
थोड़ी देर के बाद मैंने एक उंगली उसकी चूत में घुसा दी और वो मचल गई।
अब वो सिसकियाँ ले रही थी और मैंने उसका पेटीकोट और पैंटी निकाल दिया और उसकी चूत को चाटने लगा।
उसके पानी का स्वाद बहुत अच्छा था। उसने मेरे पैजामे का नाड़ा खोल दिया और पैजामा और अंडरवियर उतार दिये।