साली की चुदाई उसने मेरी गांड मारी
हाँ तो दोस्तो, वो आँख मारती हुई चली गई।
दूसरे दिन उसके मम्मी पापा आ गए और अब हम लोगों को लगने लगा कि अब शायद ही हम कुछ कर पाएँ!
लेकिन अल्लाह मेहरबान तो गधा पहलवान! शाम को वो लोग अपने दूसरे रिश्तेदार के यहाँ चले गए। मेरी बीवी भी उन्ही के साथ चली गई थी। अब मेरे घर में मैं, मेरे दादा जी और मेरी साली साहिबा ही रह गए। शाम के सात बज रहे थे, सर्दी का मौसम था, अचानक बादल गरजने लगे।
साली ने खाना बना लिया था। हमारे यहाँ ऐसे मौसम में बिजली की बड़ी कटौती होती है तो दादा जी बोले- खाना जल्दी खा लो! बिजली चली जाएगी!
और हम सबने खाना खाया ही था कि बिजली चली गई।
तो दादाजी बोले- मैं जा रहा हूँ सोने के लिए! तुम लोग भी आराम करो! बहू तो सुबह ही आ पायेगी!
और दादाजी चले गए सोने।
अब मैं और मेरी साली ही अकेले थे, साली बोली- जीजू! आज तो अल्लाह मेहरबान है!
बस फिर क्या था, मैं उसे उठाकर बिस्तर पर ले गया और उसे चूमने लगा तो बोली- जीजू, एक बात कहूँ?
मैंने कहा- जरूर कहो!
तो बोली- मुझे तुम्हारा पप्पू खिलाना है!
मैंने कहा- जरूर!
फिर उसने मेरे पायजामे का नाड़ा खुद ही खोला और मेरे लंड को बेतहाशा चूसने लगी।
अब मुझे लगने लगा कि ज्यादा देर की तो मुँह में ही निकल जायेगा।
मैंने कहा- जान जल्दी बाहर निकालो, नहीं तो मेरा निकल जाएगा!
तो लौड़ा अपने होंठों से निकालकर बोली- अब तुम कुछ मत बोलना! मुझे जो करना है, करने दो!
अब तो मेरे वश में कुछ नहीं रहा और आ आह आह चू चूसो आह! और इसी के साथ मेरे लंड ने अमृत की कई पिचकारियाँ छोड़ दी। अब हम लोगों को ठण्ड लगने लगी तो रजाई औढ़ कर लेट गए।
वो बोली- जानू! कीड़ा मर गया क्या?
मैंने कहा- साली! मुझे उकसा रही है?
मैं उसका एक उरोज मुँह में लेकर बेदर्दी से चूसने लगा तो बोली- साले, लुगाई समझ लिया है क्या? जैसे चाहेगा वैसे करेगा। नीचे आ मादरचोद! चूत चाट! लुगाई की तो रोज चाटता है?
मैंने कहा- तुझे कैसे मालूम?
बोली- बहनचोद! कभी कभी तो दरवाज़ा भी नहीं लगाते हो और चुदाई चालू कर देते हो?
तो मैंने कहा- तुझसे क्या छुपाना! चल अब मुद्दे की बात पर आ जा!
और मैंने उसकी चूत की खुजली अपनी जीभ से मिटाना शुरू कर दी।
अब वो भी कमर उठा कर चूत चुसवाने लगी। चूत चूसते-चूसते मेरे मन में एक विचार आया कि क्यों न चुदाई के साथ बियर का मज़ा लिया जाये!
तो बस क्या था- बियर की बोतल को फ्रिज में से निकाल कर दो गिलास भरे। एक उसे दिया और एक मैंने लिया और चूत पर डाल डाल कर चाटने लगा।
उसको जाने क्या सूझा- वो रोटी बेलने का बेलन ले आई और मुझसे जिद करने लगी कि अगर तुम मुझसे इस बेलन से गांड मरवाओगे तो मैं आज रात भर तुम्हें अपनी गांड से खेलने दूँगी।