चुदाई का राजीनामा
हैलो फ्रेंड्स.. मेरा नाम पवन कुमार शर्मा है.. मैं मऊनाथभंजन (उ.प.) का रहने वाला हूँ। मैंने इंजीनियरिंग कंप्लीट कर ली है और इस समय दिल्ली में जॉब कर रहा हूँ।
मैंने अन्तर्वासना की काफ़ी कहानियाँ पढ़ी हैं इसलिए मुझे भी लगा तो मैं भी आज अपनी पहली कहानी शेयर करने जा रहा हूँ।
बात उस समय की है.. जब मैं होली की छुट्टी पर कॉलेज से घर जा रहा था। मैं वाराणसी स्टेशन पर बैठकर ट्रेन का वेट कर रहा था। मेरी ट्रेन 2 घन्टे लेट थी.. तो मैं अपना मोबाइल निकाल कर टाइम पास करने लगा, फिर मैं अन्तर्वासना साइट खोल कर सेक्स की कहानियाँ पढ़ने लगा।
तभी मैंने देखा कि एक बेहद खूबसूरत लड़की मेरे पास आकर खड़ी हुई.. वो कुछ परेशान सी लग रही थी। मैंने नोटिस किया कि वो बार-बार अपना मोबाइल देख रही थी, शायद उसे किसी काम की जल्दी थी।
मैं अपना मोबाइल जेब में डालकर इधर-उधर घूमने लगा।
मैंने देखा कि वो बार-बार मेरी ओर देखती और सर नीचे करके मुस्कुराने लगती। मुझे पता नहीं था कि वो क्यों मुस्कुरा रही है।
फिर मैंने देखा कि वो मेरी पैंट की ज़िप को देखती.. जो कि मेरे कहानी पढ़ने के कारण मेरा लण्ड खड़ा हुआ था। मुझे हल्की-हल्की शर्म आने लगी।
मैं थोड़ी हिम्मत करके उसके पास गया और उससे पूछा- अज़ी टाइम क्या हो रहा है?
तो वो तपाक से बोल पड़ी- जी, हाथ में मोबाइल लिए हो.. और टाइम हमसे पूछ रहे हो?
मैं भी साला आधा पागल सा कुछ सोचते हुए बोला- जी.. वो क्या है कि मेरे मोबाइल में टाइम सैट नहीं है।
तो वो बोली- अच्छा… 6:15 हो रहा है।
मैंने ‘थैंक्स’ बोलकर अपने मोबाइल में झूठमूट का टाइम सैट करने लगा।
तभी एनाउन्समेंट हुआ कि वाराणसी से मऊ जाने वाली ट्रेन और 2 घंटे देरी से आने वाली है।
जिसे सुनकर हम दोनों चौंक पड़े।
तो मैंने पूछा- क्यूँ आपको भी इसी ट्रेन से जाना है क्या?
तो उसने ‘हाँ’ में जवाब दिया।
मेरे पूछने पर उसने बताया- मैं भी आपके ही कॉलेज की हूँ और होली की छुट्टी पर अपने घर जा रही हूँ..
मतलब वो भी मऊ की ही थी।
यह जानकर मैंने कहा- हे भगवान.. तुम मेरे ही कॉलेज की हो.. और आज मुलाकात हो रही है।
नाम पूछने पर उसने बताया- मेरा नाम पूनम है।
तो मैंने उससे कहा- अभी ट्रेन 2 घंटे बाद आएगी.. क्यों ना हम चलकर कुछ खाते हैं।
पहले तो उसने मना किया.. फिर बार-बार कहने पर वो मान गई।
हम दोनों पास की ही एक दुकान पर गए तो मैंने पूछ क्या लोगी.. ठंडा या गरम??
तो वो बोली- गर्मी बहुत है.. ठंडा मँगवा लो।
मैंने समोसे और कोल्ड ड्रिंक मँगवाया.. हम दोनों समोसे खाए और फिर थम्स-अप पीते हुए मैं बोला- आज कुछ तूफ़ानी करते हैं।
वो थोड़ी चौंक कर बोली- क्या?
मैं बोला- कुछ नहीं.. मैं तो ये बोतल पर लिखा है.. वो पढ़ रहा हूँ।
वो मुस्कुरा दी..