एक ही घर की सब औरतों की चुदाई -7
दोस्तो, मेरा नाम राज शर्मा है। यह कहानी मेरी मकान मालकिन की सहेली की है.. जो उसके साथ ही बैंक में नौकरी करती थी। जैसा कि मेरी मकान मालकिन ने कहा था कि मैं अपनी सहेली को भी तुमसे चुदवाऊँगी।
अगली बार वह एक 32 साल की औरत को लेकर आई थी। उसका नाम सपना था.. वो दो बच्चो की माँ थी। उसके दोनों बच्चे अपनी नानी के घर रहते थे और दोना मियां-बीबी सरकारी नौकरी में होने के कारण अलग-अलग रहते थे इसलिए वह ज्यादातर लण्ड की प्यासी ही बनी रहती थी।
जब वह मेरे कमरे में आई.. मैं उसे देखता ही रह गया, वह किसी अच्छे घर की लगती थी और बहुत खूबसूरत थी।
मेरी तो लॉटरी ही लग गई जो मुझे उस जैसी हसीन-तरीन हूर को चोदने का मौका मिल रहा था।
मेरी मकान मालकिन ने उसका परिचय कराया। मैंने हाथ मिलाते समय उसका हाथ हल्के से दबा दिया.. जिससे वो शरमा गई।
यह तो उसको भी पता था कि वो आज यहाँ चुदने ही आई है.. इसलिए मैं खुलकर उससें बातें करने लगा।
जल्दी ही हम दोनों घुल-मिल गए।
भाभी बोली- राज मुझे अभी अपने रिश्तेदार के पास जाना है। मैं लौट कर परसों सुबह ही आ पाऊँगी.. तब तक तुम मेरी सहेली का ख्याल रखना।
मैंने कहा- भाभी आप जाइए मैं इनका इनके पति से भी ज्यादा ख्याल रखूँगा। वो हर चीज दूँगा.. जिसकी इन्हें जरूरत है।
वो हमें अकेला छोड़कर चली गई।
मैंने अगले दिन की छुट्टी ले ली। अब मजे के लिए पूरे दो दिन हमारे पास थे। पहले शाम को मैं उसे घुमाने ले गया। उसने मेरे लिए बहुत शॉपिंग की। साथ में बियर की बोतलें लेकर हम घर वापस आ गए। रात को हम दोनों ने एक-एक बियर पी और खाना खाकर हम एक ही बिस्तर पर आ गए।
वो अब भी शरमा रही थी।
मैं बोला- सपना जी.. शरमाओ मत, आप तो बहुत शरमा रही हो।
सपना- वो क्या है राज.. मैं आज तक कभी किसी मर्द के साथ ना अकेली रही हूँ.. ना कभी बियर पी है।
मैंने कहा- तो क्या हुआ। हम आपके अपने ही तो हैं। दो दिन के लिए मुझे ही अपना मर्द समझ लो.. देखो फिर तुम्हें कितना मजा आता है।
यह कहकर मैंने उसकी जांघ पर हाथ रख दिया और जांघ सहलाने लगा। उसने विरोध नहीं किया.. तो धीरे-धीरे मैंने उसकी भरी हुई चूचियां मसलनी शुरू कर दीं।
अब वो भी धीरे-धीरे गरम होने लगी, मैंने उसका हाथ अपने लण्ड के ऊपर रख दिया.. जिसे वो पजामे के ऊपर से ही सहलाने लगी।
मैं भी उसकी चूत को ऊपर से सहलाने लगा, उसको बाँहों में भरकर चूमने लगा।
वो भी मेरा साथ दे रही थी।
मैं बोला- तो सपना.. और मजे लेने के लिए पूरे कपड़े उतारने पड़ेंगे, तुम मेरे कपड़े उतारो.. मैं तुम्हारे उतारता हूँ।
फिर मैंने एक-एक करके उसके सारे कपड़े उतार दिए, उसने भी देर ना करते हुए मुझे नंगा कर दिया।
अब मेरा खड़ा लण्ड उसके सामने था, मैंने लण्ड पर बियर गिराई और उसे चूसने को बोला।
वो मजे लेकर मेरे खड़े लौड़े को चूसने लगी थी।
सपना- राज..