बच्चे की चाहत
हाय दोस्तो, मेरा नाम हर्ष है, मैं सूरत से हूँ। मैं आपको अपनी एक सच्ची घटना बताने जा रहा हूँ।
मैं पहले मोबाइल शॉप चलाता था। वहाँ पर एक भाभी हमेशा रिचार्ज करवाने आती थी। उसका नाम चेतना था। चेतना इतनी सुन्दर और बातें करने में माहिर थी कि बस उससे काफी देर बातें करता रहता था। मेरा लंड 9 इंच का है, मैं चोदने का बहुत शौकीन हूँ इसीलिए मैं जब भी चेतना को देखता तो मेरा लंड उसे चोदने के लिए मचल उठता था। दोस्तों क्या फिगर था उसका। मैं उसे चोदने के बारे में सोच कर उसे पटाने में लग गया।
एक दिन मैंने कह दिया- चेतना जी, आपकी शादी को कितना वक्त हो गया?
उसने कहा- पाँच साल।
मैंने कहा- कोई बच्चा नहीं है, क्या बात है?
उसने अपना सर नीचे कर लिया और कुछ मानसिक में आ गई।
मैंने कहा- क्या हुआ? चिन्ता में क्यों हो गई आप? अगर मैंने कुछ गलत कहा हो तो माफ़ी चाहता हूँ।
उसने कहा- नहीं, ऐसी बात नहीं है, मै तो चाहती हूँ, मगर हमारे उनसे कुछ होता नहीं है।
कह कर उसकी आँखों में आंसू आ गए।
मैंने हिम्मत करके कहा- क्या मैं आपकी कोई मदद कर सकता हूँ?
उसने कहा- आप मेरी इसमें क्या मदद करेंगे, जबकि पूरा दोष मेरी किस्मत का हो।
मैंने कह दिया- अगर आप चाहें तो हम दोनों के सेक्स सम्बन्ध से आपकी समस्या दूर कर हो सकती है।
उसने कहा- आप क्या बकवास कर रहे हो। मैं यह सब आपको एक दोस्त समझ कर बता रही हूँ और आप इसका फायदा उठाने की सोच रहे हो? मैं अब यहाँ कभी नहीं आऊँगी।
मैंने कहा- अगर आपको पसंद नहीं है तो कोई बात नहीं, बस आप नाराज मत हो।
वह बिना कुछ कहे वहाँ से चली गई। मैंने अपने आप को बहुत गालियाँ दी और उस दिन बहुत उदास रहा। फिर पाँच दिनों तक वो मेरी दुकान पर नहीं आई। मैं मन ही मन उसके बारे में सोचने लगा कि चेतना को कैसे मनाया जाए।
पाँच दिनों के बाद चेतना जब मेरी दुकान पर आई तो उसे देखकर मैं बहुत खुश हो गया, मैंने कहा- चेतना, मैं माफ़ी चाहता हूँ, मुझे तुम्हें वो सब नहीं कहना चाहिए था।
वह दो मिनट तो चुप रही फिर बोली- मैंने इस बारे में बहुत सोचा, मैं तैयार हूँ।
मेरे तो जैसे होश ही उड़ गए।
उसने कहा- लेकिन सिर्फ बच्चा होने तक ही ! और इस बात का किसी को पता नहीं चलना चाहिए।
मैंने कहा- किसी को पता नहीं चलेगा।
मेरी ख़ुशी का कोई पार नहीं रहा।
उसने कहा- मैं तुम्हें काल करुँगी !
इतना कह कर वहाँ से वह चली गई।
उस दिन मैं बड़ा बैचेन रहा और उसको चोदने के बारे में सोचकर मुठ मारनी पड़ी। रात को सपने में उसकी चूची, चूत, गांड ही दिख रही थी।
अगले दिन दोपहर एक बजे उसका फ़ोन आया और उसने मुझे अपने घर पर बुलाया।
मैंने पूछा- घर पर कोई नहीं है क्या?
नहीं ! पति ऑफिस गए हैं और सास-ससुर को अचानक गाँव जाना पड़ा, वे एक हफ़्ते के बाद आएँगे। आप अभी आ जाइए।