बाजा बजा दूंगा
प्रेषक : राज शर्मा
आज मैं आपको अपनी सच्ची कहानी सुनाने जा रहा हूँ कि मैंने कैसे पहली बार चुदाई की ! उम्मीद है आप सबको यह कहानी पसंद आएगी !
तो दोस्तो, बात आज से पांच साल पहले की हैं जब मैं बी.कॉम की पढ़ाई कर रहा था भोपाल में ! मैं जिस कमरे में रहता था उसके सामने ही लड़कियों का हॉस्टल था, जिसमें एक से बढ़कर एक सुन्दर, सेक्सी लड़कियाँ रहती थी, जिन्हें देख कर मैं रोज मुठ मारा करता था। यह सोच कर कि काश एक लड़की से भी दोस्ती हो जाये तो सबको चोदने का मौका मिल जायेगा !
बस यही सोच कर मैंने अपना ध्यान उधर लगाना शुरू कर दिया !
एक दिन मैं अपने कमरे में खिड़की के पास बैठ कर पढाई कर रहा था कि मैंने देखा कि सामने हॉस्टल से एक लड़की मेरी तरफ देख रही हैं।
मैंने उसे देखा तो वो थोड़ा मुस्कुरा दी। बस मेरा लंड तन कर खड़ा हो गया और मैंने पैंट के ऊपर से ही अपने लंड पर हाथ रख कर दबा दिया। वो लड़की बड़े ध्यान से यह सब देख रही थी तो मैं समझ गया कि इसकी बुर भी चुदाई के लिए तड़प रही हैं और अगर मैं इसे पटा लूँ तो मैं भी बुर चोद सकता हूँ !
मैंने उसे हाथ दिखा कर इशारा किया तो वो शरमा कर हँस पड़ी। फिर मैं नीचे गया सिग्रेट पीने के लिए।
जैसे ही मैं दुकान पर पहुँचा, मैंने देखा कि वो लड़की हॉस्टल के गेट पर खड़ी थी।
मैं उसके पास गया और पूछा- आपका नाम क्या है?
तो वो बोली- अनीषा !
मैंने कहा- आप अपने नाम की तरह ही खूबसूरत हो..!
फिर उसने बताया कि वो पढ़ रही है और दोस्त बनाने में विश्वास करती है।
तो मैंने कहा- अब तो हम भी दोस्त हो गए !
तो उसने फट से अपना हाथ आगे बढ़ा दिया, मैंने उसका हाथ पकड़ कर दबा दिया तो वो बोली- आपका हाथ तो बहुत गर्म है, आपको बुखार है क्या?
तो मैंने झट से कहा- हाँ जानेमन ! और यह बुखार तो अब तुम ही शांत कर सकती हो !
तो वो बोली- यहाँ करोगे क्या अपना बुखार शांत?
मैंने पूछा- क्या कहा ?
तो वो मेरी पैंट की तरफ देखते हुए बोली- अपना बुखार यहीं शांत करोगे क्या?
मैंने कहा- तो तुम बताओ कि मैं क्या करूँ?
वो बोली- पास में ही एक होटल है, जहाँ आसानी से कमरा मिल जाता है।
मैं समझ गया कि आज यह भी चुदासी हो रही है और चोदने का मजा आ जायेगा !
हमने ऑटो लिया और होटल में जाकर पति-पत्नी की तरह कमरा बुक किया !
जैसे ही कमरे में गए, मैंने कुण्डी बंद कर ली और उसे बाहों में उठा लिया।
उसके चूची मेरे होटों के पास छू रही थी तो मैंने ऊपर से ही अपने होठों में दबा लिया, वो “आह कर उठी।”
मैंने उसे बिस्तर पर पटक दिया और सलवार का नाड़ा खींच दिया, उसकी सलवार नीचे सरक गई। मैंने देखा कि उसकी जांघें बहुत ही मुलायम थी। मैं उन्हें सहलाने लगा और धीरे धीरे उसकी चूत के पास पहुँच गया मेरा हाथ !
मैंने देखा कि उसकी पैंटी आगे से गीली हो चुकी थी।