चूत मम्मी की और चुदाई बेटी की
प्रेषक – माही सक्सेना
नमस्ते दोस्तों। मेरा नाम माही है। दोस्तों मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ। मेरी ज़िन्दगी में तरह-तरह की लड़कियाँ आतीं हैं, या फिर यूँ कहिए किशोरियों से लेकर अधेड़ तक, हर कोई। ऐसा ही एक वाक़या आप लोगों को बता रहा हूँ।
आप सोच रहे होंगे कि मेरी ज़िन्दगी में इतनी लड़कियाँ कहाँ से आतीं हैं। दोस्तों मैं एक प्लेब्वॉय हूँ, यानि कि पुरुष-वेश्या।
एक बार दिन के समय मुझे एक ४५ वर्षीय स्त्री ने अपने यहाँ बुलाया। मैं उसके घर चला गया। वहाँ जाकर मैंने उससे बात की। उसने मुझे २ घंटों के लिए तय किया। वह ४५ साल की थी, लेकिन देखने में बद़न से काफी अच्छी लगती थी।
पहले वह मुझे अपने बेडरूम में ले गई, वहाँ जाकर उसने अपने-आप को मेरे ऊपर छोड़ दिया। मैंने उसे अपनी बाँहों में ले लिया। मैडम ने जीन्स-टॉप पहन रखी थी। मैंने उसे बिस्तर पर बिठाया और उसकी टॉप उतार दी। उसकी मोटी-मोटी हिलती हुई चूचियाँ बाहर आ गईं। मैंने उन विशाल चूचियों को दबाना चालू कर दिया। जैसे-जैसे मैं चूचियों को दबाता जाता, वह बिस्तर पर गिरती जाती।
मैंने उसकी जीन्स का बटन खोल दिया और सरका कर उसकी चिकनी और सेक्सी पैरों तक उतार दिया। उसकी पैन्टी के भीतर से उसकी उभरी सी चूत साफ दिखाई दे रही थी। पैन्टी चूत के पानी से गीली हो चुकी थी। मैंने उसके कपड़े उसके तन से अलग कर दिए। उसने फटाक से मेरी पैन्ट की ज़िप खोल कर अपना हाथ मेरे लण्ड तक पहुँचा दिया। मैंने अपने भी कपड़े उतार दिए और उसने मुझे मुख-मैथुन करने को कहा।
हमने 69 की मुद्रा बनाई और उसकी चूत को चाटने लगा। उसने भी मेरा लण्ड अपने मुँह में ले लिया। मैंने उसकी चूत को इस कद़र चूसा कि उसकी सिसकियाँ निकल गईं। अब वह जल्दी ही अपनी चूत का पानी छोड़ने वाली थी। मैंने एक कॉण्डोम अपने लण्ड पर लगाया, उसे सीधा करके उसे अपने नीचे ले लिया और उसकी चूत में अपना लण्ड डाल दिया।
चूत थोड़ी सी ढीली थी लेकिन वह पूरा साथ दे रही थी। वैसे भी कुछ ही झटके लगे और उसकी चूत से पानी बाहर आ गया। वह मुझे कसके पकड़े हुई थी। मैंने भी थोड़ी ही देर में अपना काम पूरा कर लिया।
मैं थोड़ी देर तक उसकी चूत को सहलाता रहा, उसके बाद वह मुझे अपने साथ अपने बाथरूम में ले गई। हम दोनों घर में अकेले ही थे। वह वहाँ जाकर बाथ-टब में चली गई और मुझे भी आने का आमंत्रण दिया। काफी देर तक मैं उसकी चूत को सहलाता रहा। वह फिर से सिसकियाँ भरने लगी। उसने कहा कि इस बार पानी के भीतर ही सेक्स करेंगे। मैंने कॉण्डोम लगाया और पानी के भीतर ही उसकी चूत में अपना लण्ड घुसा दिया। अभी हम दोनों का चूत-लण्ड का खेल शुरू ही हुआ था कि दरवाज़े की घंटी बजी। थोड़ी देर के लिए वह सोच में पड़ गई कि आख़िर कौन आ गया।