दोस्त की चालू गर्लफ्रेंड की चुदाई
वैसे तो मैं बिहार का रहने वाला हूँ पर चार साल से मैं अपने एक दोस्त के साथ दिल्ली में रह रहा हूँ। मैं यहाँ की एक आईटी कंपनी में काम करता हूँ।
करीब चार महीने पहले की बात है जब मैंने जॉब छोड़ रखी थी और अपने रूम पर ही रहता था। मेरे दोस्त ने एक गर्लफ्रेंड बनाई थी जो हमारे मोहल्ले में ही रहती थी। वो अक्सर उससे मिलने के लिए रूम पर आती थी। हम साथ में बैठकर ड्रिंक भी करते थे और हंसी मजाक होती रहती थी। उसकी गर्लफ्रेंड का नाम पूजा था और वो देखने में बहुत सेक्सी थी। उसका कद 5 फ़ुट 5 इंच था और चुच्चे तो कमाल के थे।
मुझे कई बार उस पर शक होता था कि वो एक नंबर की चुदक्कड़ है। और वो थी भी एक नंबर की रण्डी! उसका पहले से ही एक आशिक था जो उसके होम टाऊन का था पर वो नौकरी करने लिए दिल्ली में रहती थी। करीब एक हफ्ते तक वो रोज आती रही, मेरा दोस्त उसे चोदता रहा। अब मेरा भी लंड उसको देखकर खड़ा होने लगता था। मैंने सोच लिया कि अब इसकी बूर तो चोदनी ही है किसी भी हाल में।
इसलिए वो जब भी आती मैं उसे मजाक मजाक में छूता रहता था। कभी कभी तो मैं उसके चुच्चों पर भी हाथ लगा देता था पर वो सिर्फ मुस्कराकर चली जाती थी। मैं समझने लगा था कि अब इसकी बूर के दर्शन जल्दी ही होने वाले हैं।
इधर मेरा दोस्त अपनी काम की वजह से व्यस्त रहने लगा था और उससे मिल नहीं पा रहा था और ज्यादा बात भी नहीं कर पाता था। वो मुझे कॉल करने लगी और हमारी काफी देर देर तक बाते होने लगी। मैं उससे हमेशा फ्लर्ट करता रहता था कॉल पर।
एक दिन मेरा दोस्त ऑफिस गया था तो मैंने उससे मिलने के लिए बुलाया। पहले तो उसने बहुत नखरे दिखाए पर फिर उसने बोला कि तुम कुछ करोगे तो नहीं?
तो मैंने कहा- मैं जबरदस्ती कभी नहीं करता किसी के साथ!
तो मान गई और मेरे कमरे पर आ गई। मैंने दरवाज़ा बंद कर लिया और उसे अन्दर के कमरे में ले गया। मैं अपने बिस्तर पर बैठ गया और वो कुर्सी पर। फिर मैं उसे छेड़ने लगा तो मुझे थप्पड़ दिखाती हुई मेरी तरफ बढ़ी तो मैंने उसका हाथ पकड़ कर अपनी तरफ खींचा और अपनी गोद में बिठा लिया। वो बैठते ही मेरे सीने से लग गई और मैं अपना हाथ उसकी पीठ पर फ़िराने लगा तो वो जोश में आने लगी।
मैं उसे अपने सामने करते हुए उसके होठों को चूसने लगा और पूरी तरह मेरा साथ देना लगी। साली बहुत बड़ी रांड जो थी। यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं।
मैंने मौका न गवांते हुए तुरंत उसे बिस्तर पर लिटा दिया और उसके चुच्चे टॉप के ऊपर से ही दबाने लगा। उसकी मुँह से सिसकारियाँ निकलने लगी थी और मजे लेने लगी थी। पहली बार था जब कोई लड़की इतनी आसानी से मान गई थी।
मैंने उसकी टॉप उतार कर अलग रख दी और उसकी पैंट भी तुरंत उतार दी। अब वो मेरे सामने नीले रंग की पेंटी और ब्रा में थी।