मैं, मेरी सहेली और वो
प्रेषक : सैम
मैं सबसे पहले अन्तर्वासना का धन्यवाद करता हूँ जो मेरी सच्ची कहानी छापी। मुझे यह सब कहानियाँ तब सच्ची लगी जब मेरे खुद के साथ यह सब हुआ, जो मुझे उम्मीद नही थी ! अब तो मैं गुरु जी का फ़ैन बन गया जिन्होंने हम सबकी प्यास सबके (जो हम जैसे हैं) सामने लाने का एक उचित रास्ता निकला !
मैं एक पंजाबी लड़का हूँ और मेरा नाम राजीव है। मेरी उम्र चौबीस साल है, एक अच्छे घर से हूँ। मेरा रंग गोरा, मेरी लम्बाई 5’8″ है और सुंदर हूँ। मेरे दोस्त कहते है कि मैं किसी मॉडल से कम नहीं ! यह कहानी तब की है जब मैं कॉलेज में पढ़ा करता था। मैं ट्यूशन पढ़ा करता था जहा कई लड़कियाँ और लड़के पढ़ते थे। वहाँ एक लड़की जिसका नाम मीनू था, मुझे बहुत सुंदर लगती थी। वहीं पर हम एक दूसरे के पास पास आ गए। हम एक दूजे को मिलने लगे। अब यहीं से मेरी असली कहानी शुरू होती है!
बात बहुत बढ़ चुकी थी, एक दूसरे को पसंद करने लगे। मैं और मेरी सहेली छुप कर मिला करते थे। हमने पहली बार एक दूसरे का चुम्बन किया। हम एक थिएटर में मूवी देखने गए जिसका नाम ‘हम तुम’ था ! उसके बाद हमने बहुत बार सेक्स किया और उसकी तसल्ली भी करवाई। हम दोनों कई बार दो दिन तक साथ रहे। हम दोनों में कुछ भी छुपा नहीं था। अकले में हम पति पत्नी की तरह रहते थे।
एक बार वह अपनी सहेली हरलीन के साथ आई। हरलीन एक सुंदर पञ्जाबी लड़की थी। उसके बाद हम तीनों बहुत बार साथ साथ मिले। अगर मीनू के घर कुछ प्रॉब्लम होती तो वह अपना संदेश हरलीन को दे देती और हरलीन मुझे कॉल कर देती, जिसके कारण हरलीन मेरे साथ काफी खुल चुकी थी। मुझे कई बार एहसास हुआ कि हरलीन भी मुझे मन ही मन चाहती है। वह मुझे फ़ोन करती, एस एम एस तो हर रोज किसी न किसी तरह जरूर करती ! कई बार वह मुझे अश्लील एस एम एस भी कर देती ! वो मेरे सामने कुछ ना कुछ ऐसा करती थी कि मेरा लण्ड खड़ा हो जाता था। वो शरीर में भरी पूरी थी और बदन गदराया हुआ था। उसके सुडौल स्तन बहुत ही मनमोहक थे और थोड़े भारी थे। मुझे उसके बोबे और मटके जैसे चूतड़ बहुत अच्छे लगते थे।
एक बार मुझे हरलीन का फ़ोन आया और कहा- मुझे आपसे कोई जरुरी काम से मिलना है। यह बात मीनू को मत बताना और हम मीनू को एक सरप्राईज़ देंगे !
उसने मुझे एक होटल में मिलने को बुलाया। हम दोनों एक पॉइंट पर मिले, मैने उसे वहाँ से लिया और होटल में चले गए। उस दिन उसने जींस-शर्ट पहनी हुई थी। मैं उसे देख कर दंग रह गया और उसके साथ सेक्स के लिए सोचने लगा।
शायद वह मेरे से भी ज्यादा बेताब थी। दरवाजे की कुण्डी लगते ही मुझे उसने बाहों में ले लिया और आइ लव यू ! बोलने लगी।
और इससे पहले कि मैं कुछ बोलता, वो अपने होंठ मेरे होंटों पर रख कर चूमने लगी। मैं भी गर्म हो चुका था।