ननद के आशिक से चुद गई बन्नो !
सभी अन्तर्वासना पढ़ने वालों को और प्यारे गुरु जी को काजल का खुली जवानी की अंगडाई लेते हुए नमस्कार !
अब मैं अंतर वासना की पक्की पाठक बन चुकी हूँ ! जबसे इस वेबसाइट से नाता जोड़ा है, मेरी जवानी की प्यास और बढ़ने लगी है ! जब लोग अपनी बिस्तर की हरक़त हकीकत में अन्तर्वासना पे ले आते हैं तो सोचा, मैं भी अपनी एक ऐसी चुदाई सबके सामने लाऊँ जो मुझे कभी नहीं भूलेगी !
दोस्तों ! मैं एक बहुत ही चुदासी औरत हूँ ! स्कूल से लेकर कॉलेज टाइम में मैंने बहुत नाम कमाया! लड़कों के साथ मेरे किस्से जुड़ने आम बात थी! कॉलेज के अच्छे से अच्छे लड़के के साथ मेरा नाम जुड़ता ! कम उम्र के लड़कों का चस्का मुझ में हवस डाल गया!
तभी मेरे कॉलेज के किस्से जब घर तक आने लगे तो माँ ने लड़का ढूंढ़ लिया और मेरी शादी का फैसला ले लिया, जिसका मैंने बहुत विरोध किया और माँ को कई खरी खोटियाँ सुनाई ! आखिर उनके ही बनाये गए माहौल में जो देख देख कर बड़ी हुई थी !
खैर, छोड़ो इस बात को !
आखिर मुझे हां करनी ही पड़ी और मैंने एक लड़के के लिए हां कर दी और शादी करवा के ससुराल आ गई ! यहाँ मेरा ज्यादा वक़्त तो घरेलू काम काज में निकल जाता! अपनी सारी शौकीनी अब काम में लगने लगी! टाइट सूट डाल कर लड़कों को बहकाना और फिर उनसे चुदवाना सब कुछ अब पीछे रह गया !
अपनी ननद के साथ मेरी बहुत पटती थी और मैं उसको उसके आशिकों से मिलने में उसकी मदद करती रहती! मेरे पति का लौड़ा इतना बड़ा नहीं था, ऊपर से मेरी रांड ननद सुन्दर – सुन्दर लड़कों से मिलती ! उसका एक आशिक उसे आधी रात को मिलने आता था और कभी कभी उसको चोद भी लेता था ! सब मिलना मिलाना मेरे राह से निकल कर जाता था ! मैंने जल्दी ससुराल में पकड़ बना ली !
मैं किसी से डरती नहीं थी! अब कोई काम-काज किस से कैसे करवाना है, जान गई थी !
उसके आशिक ने जिस रात मिलने आना होता, वो मेरे मोबाइल पे ही कॉल करता और पूछ लेता की आज गीता कहाँ सोयेगी, उसको कहना चौकन्नी रहना !
एक दिन मेरे दिमाग ने पलटी खाई, सोचा अब जब उसका फ़ोन आयेगा तो तो तो ????
वैसा ही हुआ शाम को मुझे कॉल आई ! उस दिन मेरे पति घर पे नहीं थे! मैंने उसको कह दिया कि आज गीता मेरे कमरे में होगी क्यूंकि मैं आज सासू माँ के कमरे में सो जाउंगी ! तू आराम से मिलना, पिछली खिड़की खुली होगी !
वो बोला- ठीक है भाभी !
मैंने गीता को कुछ नहीं बताया और आराम से अपने कमरे में सो गई और कमरा बंद कर लिया !
करीब रात १२ बजे उसने दस्तक दी ! बत्ती बंद थी, उसने टॉर्च से बेड ढूंढा ! मैंने भी बारीक सी कुर्ती डाली थी ! वो मेरी चादर में घुस गया, मैं भी उसके साथ लिपट गई !
उसने अपने होंठ मेरे होंठों पे रख दिए और चूसने लगा- गीता मेरी जान !
मैं भी गरम हो उसका साथ देने लगी ! उसने मेरी कुर्ती में