ट्रेन में एक आंटी से मुलाकात के बाद चुदाई
मेरा नाम संजू है और मैं 20 साल का हूँ, मैं मूलतः मुंबई से हूँ। मैं अभी बीकॉम के फाइनल इयर में हूँ। साथ में मैं साइड जॉब भी करता हूँ।
मुझे डांसिंग का भी शौक है और डांस भी अच्छा कर लेता हूँ। मुझे बड़े मम्मों वाली थोड़ी मोटी आंटियां बहुत पसंद हैं।
यह बात आज से एक महीने पहले की है। मैं कॉलेज गया हुआ था तब मेरे बॉस का कॉल आया।
बॉस ने कहा- संजू आज काम से ग्रांट रोड जाना है।
मैंने बोला- ओके बॉस में चला जाऊंगा।
उन्होंने काम बताया और इतना बोल के कॉल कट हो गई।
मैं क्लास में आ गया और जैसे ही कॉलेज से छूटा, मैं ग्रांट रोड के लिए निकल गया। उस वक्त दोपहर के 12.30 बज रहे थे।
जैसे ही मैं ट्रेन में चढ़ा तो काफ़ी भीड़ थी.. मैं किसी तरह अन्दर शिफ्ट हो गया। जैसे-जैसे जगह मिलती गई.. मैं अन्दर को होता गया।
उसी वक्त मैंने देखा कि एक बहुत ही हॉट आंटी साड़ी में बैठी हुई थीं और उनका गोरा पेट दिख रहा था। आंटी को ध्यान से देखा तो उनके दिखते हुए चुचे भी बड़े मस्त दिख रहे थे। चूचियों का साइज़ काफी बड़ा था.. उस पर ब्लाउज भी बिना आस्तीन का था और ब्लाउज की बैक भी एकदम पतली पट्टी जैसी थी।
मैं उनके करीब जाकर खड़ा हो गया और आंटी के पेट को और एक तरफ से झलक रहे उनके चुचे को देखने लगा। इस बात का उनको भी एहसास हो गया था कि मेरी नज़रें कहाँ पर थीं। उन्होंने थोड़ी देर बाद अपने बाजू में थोड़ा खाली स्थान बनाया जो कि मेरे लिए इशारा था। मैं समझ गया था कि आंटी भी सिग्नल दे रही हैं।
मैं झट से उनके बाजू में बैठ गया और फिर अपनी बांहों को उनकी साइड से लगा कर पेट में टच करने लगा। उन्होंने कुछ नहीं बोला.. फिर मैंने मेरी पूरी बांह से उनके अंगों को पुश करना स्टार्ट कर दिया.. आंटी ने फिर भी कुछ नहीं बोला।
मैं बेफिक्र हो गया था कि आंटी राजी हो गई हैं।
अब मैं धीरे-धीरे अपनी तरफ वाले उनके चुचे को अपनी कोहनी से टच करने लगा.. और इस बार भी जब वो कुछ नहीं बोलीं तो मैं समझ गया कि रास्ता क्लियर है। मुझे मेरा इंतज़ार खत्म होता दिखाई दे रहा था। उस समय मेरा कॉलेज बैग मेरे पास था तो मैंने बैग को आंटी और अपनी जाँघों पर रख लिया और बैग के नीचे से आंटी की जाँघों पर हाथ घुमाने लगा।
अब पहली बार आंटी ने मुझसे पूछा- तू किधर रहता है?
मैं बोला- दादर..
मुझे पता चल गया था कि वो भायकला उतरने वाली है। क्योंकि थोड़ी देर पहले उन्होंने किसी से पूछा था कि भायकला कब आएगा।
मैंने उनसे झूठ बोला कि मैं दादर में रहता हूँ।
वो बोलीं- तुझे देखा जैसा लग रहा है.. पहले कभी भायकला आया है क्या?
मैंने झूठ बोला- हाँ आया हूँ।
बस फिर उन्होंने पूछा- तेरे घर पर कौन-कौन है?
मैं बोला- माँ और 2 भाई बहन हैं।
वो बोलीं- ओके, अच्छा है।