वो कौन था?-2
माला चित होकर लेट गई, मैंने उसे उसी तरह डिल्डो से चोद दिया जैसे मैं खुद चुदी थी।
इसके बाद मेरे और माला के बीच में समलैंगिक सम्बन्ध हो गए थे।
कुछ दिनों बाद मनोरमा गांव से वापस आ गई थी उसकी शादी पक्की हो गई थी
एक दिन की बात है, रमेश ड्यूटी पर था, करीब 11 बजे दिन में दोनों मेरे पास आई।
शायद माला मनोरमा को सब कुछ बता चुकी थी, उन्होंने कहा- भाभी, आप हर वक्त साड़ी और ब्लाउज़ पहनती हैं, आज आप यह मेरा लोअर और टी शर्ट पहन कर देखो, आपको काम करने में आसानी रहेगी।
मैंने उनकी बात मान कर पेंटी के ऊपर लोअर और ब्रा के ऊपर टी शर्ट पहन लिया। माही सो रही थी, मैं खाना बनाने लग गई, लोवर और टी शर्ट में सचमुच बड़ा आराम था पर बूबे बड़े बड़े दिख रहे थे और चूतड़ भी बड़े उभरे हुए दिख रहे थे। मैं एक बड़ी ही लम्बी और सेक्सी औरत लग रही थी।
थोड़ी देर बाद मैं दोनों का टिफिन लेकर उनके कमरे पर गई।
दोनों ने कार्यक्रम तय कर रखा था शायद, मैं टिफिन देकर वापस होने लगी तो मनोरमा बोली- भाभी कहा जा रही हो?
मैंने कहा- घर पर काम भी तो करना है।
वो बोली- हमारे साथ भी थोड़ी देर बैठ जाओ, माला के साथ तो आप सो भी जाती हैं।
कह कर उसने आँख दबा दी, मैं समझ गई कि इसे सब मालूम है।
तभी माला ने पीछे से मुझे पकड़ लिया, मनोरमा ने दरवाजा बंद कर लिया।
मैं उनके पलंग पर बैठ गई, मनोरमा मुझसे पीछे से चिपक गई और चुम्मा लेने लगी। टी शर्ट के ऊपर दिख रहे बड़े बड़े चूचे दबाने लगी। माला मेरे पैरों के पास फर्श पर बैठी थी, वो मेरी जांघों और पैरों पर हाथ फिराने लगी।
माला फिर बोली- भाभी, तुम्हारा यह लम्बा चौड़ा गोरा बदन किसी को भी पागल कर देता है, तुम्हारे सीने पर सर रख कर सोने का दिल करता है, काश तुम लड़का होती…
वो मेरा लोअर नीचे खिसका रही थी पर साथ में पेंटी भी निकल गई, मैं नीचे से पूरी नंगी हो चुकी थी। माला मेरी जांघों को जगह जगह चूम रही थी। ऊपर से मनोरमा ने मेरी टीशर्ट निकाल दी।
अब मैं ब्रा में ही थी।
मेरे पैर पकड़ कर मुझे माला ने चित लिटा दिया, इसके बाद दोनों एक दूसरे को नंगी करने लगी, दोनों ने एक दूसरे बूबे दबाये और चुम्बन किया। दोनों नंगी होकर मेरे दोनों तरफ लेट गई जैसे दो सौतन एक पति से चिपकती हैं, दोनों मुझे चूम रही थी।
तभी माला ने उठ कर कप्यूटर पर लेस्बियन वीडियो लगा दिया, हम लोग उसकी नक़ल करने लगे।
दोनों ने ब्रा में हाथ दाल कर मेरे बूबे निकाल लिए और एक एक बूबे दोनों चूसने लगी।
‘हाय भाभी, यह मक्खन जैसा बदन तो किस्मत वाले ने ही चोदा होगा !’
मुझमे चुदाई की आग भड़क गई थी, दोनों ने चूम चूम कर मुझे पागल कर दिया, मैं भी उन्हें चूमने और उनके बूबे चूसने लगी।
तीन जवान और गोरी लड़किया नंगी होकर मस्ती कर रही थी जिसे देख कर किसी का भी लंड पानी छोड़ दे।