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रिश्तों में वासना का खेल- 5

Story Hindi 4 pages 16 years ago

रिश्तों में वासना का खेल- 5
मॅाम फक मां चोद कहानी में मेरी मौसी और उनके बेटे ने मुझे मेरी मम्मी की चुदाई करने के लिए तैयार कर लिया. मौसी और मम्मी दोनों नंगी होकर मेरे लंड को चूसने लगी.
दोस्तो,
कहानी के पिछले भागविधवा मौसी को चोद कर खुश किया
में आपने पढ़ा कि मैं अपनी मौसी के लड़के अरुण से अपनी मम्मी की चुदाई की बातें सुनकर अन्दर ही अन्दर गर्म हो गया था और उन्हें चोदने के लिए अपना मन बना चुका था.
अब आगे मॅाम फक मां चोद कहानी:
एक तरफ मैं अपनी मम्मी को चोदने के लिए तैयार हो गया था, तो दूसरी तरफ एक कैफे में सोना और मेरी मम्मी बात कर रही थीं.
सोना- जानवरों की तरह जीने के अलावा मेरे पास कोई रास्ता नहीं है. मैं और मम्मी, अरुण की वासना के आगे मजबूर हैं. मैं नहीं चाहती हूँ कि आप और राज इसमें शामिल हों.
मेरी मम्मी दीपा- सोना, मुझे माफ कर दो!
सोना- आपके पास अभी समय है. अभी भी राज आपके बारे में कुछ नहीं जानता. आप यहां से वापस जा सकती हैं.
मेरी मम्मी दीपा भी फिर से सोचने लगी कि सोना सही कर रही है. वे यह सब नहीं करेंगी और अरुण को भी आगे से यह सब करने से मना कर देंगी.
यह सोचती हुई मेरी मम्मी दीपा अपने घर चली आईं और सोना अपने घर चली गई.
सोना के घर क्या हुआ, पहले वह देख लेते हैं.

कैफे से निकल कर सोना भी अपने घर पहुंच गई.
वह हॉल में गई तो उसने देखा कि सोफे पर उसके पापा बैठे थे.
उसके पापा ने ऊपर मुँह करके सोना को देखा और उसे अपने पास बुलाया.
पापा- सोना!
सोना- हां पापा?
उसने अपने पापा के हाथ में एक पर्ची देखी.
पापा- सोना मुझे लगता था. तुम भी अपनी मां जैसी ही हो, पर मैं गलत था!
यह कहते हुए उन्होंने सोना की तरफ पर्ची बढ़ा दी.
पापा- ये लो!
सोना- यह क्या है पापा?
‘यह मेरे एक दूर के रिश्तेदार का पता है. मैंने उनसे बात कर ली है. तुम इनके साथ रह सकती हो. तुम चाहो हो राज को भी अपने साथ ले जा सकती हो. जाओ … सब कुछ भूल कर एक नई जिंदगी की शुरुआत करो. तुम्हारा भाई बहुत चालाक है … उसे अब तक पता चल चुका होगा. मैं तुम्हारी मम्मी को बता दूंगा.’
सोना ने अपने पापा के हाथ से वह पर्ची ले ली.
सोना- आपका बहुत धन्यवाद पापा. अब मैं और राज भी एक अच्छी जिन्दगी जी सकते हैं.
यह मामला किस करवट सैट होगा, इसे बाद में देखते हैं.
पहले उधर दीपा के घर का हाल देख लेते हैं.
उधर मेरे घर पर अरुण, मुझको सब बता चुका था और मुझे सेक्स वीडियो भी दिखा चुका था.
मेरी मम्मी घर में आ गईं.
वे हॉल में मुझे और अरुण को देख कर एकदम से चौंक गईं- अरुण तुम यहां?
तभी मैं टेबल पर हाथ पटक कर कड़क आवाज में बोला- मम्मी, अपने कपड़े उतारो.
मेरी बात सुन कर मम्मी सन्न रह गईं.
मैं- अपने कपड़े उतारो मम्मी!
मम्मी- ये तुम क्या कह हो?
मैं- तुमने सही सुना कुतिया, अपने कपड़े उतारो. आज मैं तुम्हारे जिस्म को पेलना चाहता हूँ.

यह बोल कर मैंने अपनी पैंट को नीचे कर दिया.
ये नजारा देख कर मम्मी डर गईं.
मम्मी ने घबरा कर अपने मुँह पर हाथ रख लिया- तुमको क्या हो गया है?
बगल में खड़ा अरुण मुस्कुरा कर बोला- माफ कर दीजिए मौसी, मैंने राज को सब बता दिया है.
मम्मी- क…क्या … तुम ऐसा नहीं कर सकते अरुण, तुमने वादा किया था.
अरुण- मौसी ये तो मुझे कहना चाहिए. आपने भी तो वादा किया था कि आप हमेशा हमारे साथ रहेंगी. पर आप दीदी से मिलीं और मुझे मना करने का फैसला कर लिया. पर आप चिंता मत करें, मैं अपने परिवार को टूटने नहीं दूंगा.
अरुण ने जेब से मोबाइल निकाला और बोला- क्या आप नहीं चाहतीं कि सब खुश रहें?
उसने मोबाइल मम्मी की तरफ किया- इसे देखिए.
अरुण मेरी मम्मी को उनकी और सुमन मौसी की चुदाई की वीडियो दिखाने लगा.
मम्मी घबरा कर एकदम से नीचे बैठ गईं.
अरुण- देखिए मौसी, राज कितना खुश लग रहा है!
मैं- अरुण सही है मम्मी.
मैं उनके पास जाने लगा- मैंने भी आपकी हर वीडियो देखी है, जिसमें आप मुझसे माफी मांग रही हैं. कहीं आपकी वासना का शिकार आपका बेटा ना हो जाए, इसी डर से आप सबसे चुदती थीं ना! तो आप मुझसे चुद कर अपने इस डर को हमेशा के लिए मिटा सकती हैं. आप चाहती थीं ना कि आप रंडी बन कर चुद सकें, तो इसलिए अब आपका बेटा आप आपको अपनी रंडी बनाएगा.
मम्मी सिर नीचे करके सब सुन रही थीं.
मैंने जैसे ही अपना लंड मम्मी के चेहरे पर छुआया, उन्होंने सिर ऊपर किया.
वे मेरे लंड को देख कर डर गईं और मुझे धकेल दिया.
उनके एकदम से लगे तेज धक्के से मैं पीछे फर्श पर जा गिरा.
मम्मी- मुझे मत छुओ, मैं तुम्हारी मां हूँ.
मुझे गुस्सा आ गया, मैं माँ चोद बनने के लिए उठा और मैंने अपनी मम्मी को पकड़ लिया.
मैं- मैं आपका बेटा हूँ तो क्या हुआ मम्मी, मैंने आपकी कई वीडियो देखी हैं. आपको मैंने अरुण और कई लोगों से रंडी की तरह चुदते हुए देखा है.
मैंने मम्मी का चेहरा अपने दोनों हाथ से पकड़ा और उनके मुँह में अपना लंड डाल दिया.
वे कुछ समझ पातीं, मैं उनके मुँह को चोदने लगा.
मैं- आपको ये अच्छा लगता है. लो चूसो मेरे लंड को!
मम्मी के बाल पकड़ कर मैं उनके सर को आगे पीछे करने लगा.
कुछ देर बाद मम्मी अब खुद धीरे अपना सर आगे पीछे करने लगीं.
मैं समझ गया कि मम्मी की वासना अब धीरे धीरे बढ़ने लगी है.
मैंने अरुण को देखा तो वह फिर से सब कुछ कैमरे में रिकॉर्ड करने लगा.
अरुण- तुम बहुत अच्छा कर रहे हो राज … मैं बस अपने परिवार की कुछ यादें जमा कर रहा हूं.
मैंने अपना लंड बाहर निकाला तो मम्मी खांसने लगीं.
वे जोर जोर से सांस लेने लगी थीं.
फिर मैंने अपना लंड ऊपर उठाया और अपने आंडों पर उनका मुँह लगा दिया.
वे मेरे दोनों आंड चाटने और चूसने लगीं.
तभी सुमन मौसी भी आ गईं.
वे चहकती हुई बोलीं- क्या मैंने आने में देरी कर दी!
उस दिन सोना दीदी जो कोट पहनी थी, वही कोट आज मौसी भी पहन कर आई थी.

उन्होंने जैसे ही अपना लंबा कोट निकाला, वे पूरी नंगी हो गईं.
सोना ने तो ब्रा पैंटी पहनी थी पर सुमन मौसी तो पूरी रांड की तरह नंगी होकर आई थीं.
मौसी मेरे लंड के पास मम्मी के बगल में बैठ गईं.
सुमन मौसी मम्मी से बोलीं- राज का लंड कमाल का है ना … इसके लंड ने मुझे भी पागल कर दिया था.
तभी अरुण ने सुमन मौसी को इशारा किया.
उसका इशारा देख कर मौसी बोलीं- दीपा यार, कुछ मेरे लिए भी छोड़ दो!
मम्मी मेरे आंडों को चाट रही थीं, तो सुमन मौसी मेरे लंड को चूसने लगीं.
अब दो दो औरतें मेरे लंड और आंडों को चूस चाट रही थीं.
सुमन मौसी- आह … मुझे तुम्हारे लंड से प्यार हो गया है!
मम्मी चुपचाप मेरा लंड और आंडों को चाटे जा रही थीं.
मेरा लंड उनके मुँह से लगातार पिघल रहा था.
मैंने दोनों के सर पर हाथ रखा और उन्हें अपने लंड की ओर धकेलने लगा.
मम्मी- राज, हम दोनों रंडियों से तुमको मजा आ रहा है ना! चलो पर जल्दी से ढेर सारा दूध निकालो और अपनी मां को मजा दो!
मौसी- आह माल निकलो राज! तुम्हारे पापा भी हम दोनों बहनों के गले में पट्टा बांध कर उसकी रस्सी अपने हाथ में पकड़ कर सोफे पर बैठ कर हम दोनों से खूब लंड चुसवाते थे! तुम्हारा लंड बहुत तेजी से फड़क रहा है.
मम्मी धीरे धीरे ऊपर आने लगीं और मेरी टी-शर्ट को उठा कर मेरे निप्पल चूसने लगीं.
मौसी मेरे लंड को अपने हाथों में लेकर उससे खेल रही थीं.
मौसी- राज, क्या तुम्हारा माल निकलने वाला है?
मैं- हां, मेरा माल निकलने वाला है.
तभी मम्मी बोलीं- रुको बेटा.
मम्मी मेरे लिए घोड़ी बन गई और अपने दोनों चूतड़ों को हाथ से फैला कर बोलीं- ये मुझे दो राज, मैं और तुम्हारे लंड का इंतजार नहीं कर सकती.
मम्मी अपने रंडी वाले रूप में आ गई थीं.
जो कुछ समय पहले मुझे छूने से भी मना कर रही थीं, अब वे मेरे सामने अपनी चूत फैला कर चोदने को बोल रही थीं.
सच में पुरुष औरत को नहीं समझ सकता है.
मम्मी- मुझे तुम्हारा लंड चाहिए राज! अपनी मां की चूत को अपना लंड वापस करो.
मैंने तुरंत मौसी को हटाया और मम्मी की चूत में अपना लंड एक झटके में डाल दिया.
आह सुख … अपनी मम्मी की चूत में लंड डालने का सुख!
मैं मम्मी मम्मी बोल कर मम्मी को चोदने लगा.
मम्मी- आह … आखिर मैंने अपने बेटे का लंड अपनी चूत में ले ही लिया. आज मेरा डर खत्म हो गया. आह मैं कितनी खराब मां हूँ. मैं सबसे बेकार हूँ. राज चोदो मुझे … अपनी गंदी मां को चोद चोद कर सजा दो.
सामने मौसी भी अपनी काली पैंटी के किनारे से चूत में उंगली करने लगीं.
वे मेरे बगल में आईं और बैठ गईं, उन्होंने मेरे एक हाथ को पकड़ लिया- राज मुझे ये अपना हाथ उधार दोगे!
मैं कुछ समझ नहीं सका.
वे खड़ी हुईं और अपनी दोनों टांगें फैला कर मेरे हाथ को अपनी चूत में डालने लगीं.
मैंने भी अपने हथेली की मुट्ठी बना ली और उनकी चूत में डालने लगा.

इस समय मेरे लंड से मेरी मम्मी की चूत चुद रही थी और हाथ से मौसी की चूत चुद रही थी.
मौसी- हां हां डालो … अपना हाथ मेरी चूत की गहराई तक ले जाओ. मुझे बहुत मजा आ रहा है. इसी चूत से अरुण पैदा हुआ था और तुम इसमें तबाही मचा रहे हो.
मैं अपना हाथ और लंड तेजी से चलाने लगा; मैं और नहीं रुक सकता था.
कुछ देर बाद मैंने अपना हाथ मौसी की चूत से निकाला और दोनों हाथ से मम्मी के चूतड़ों को पकड़ कर उन्हें दबादब चोदने लगा.
मम्मी- आह … मेरी चूत … मेरी चूत … बहुत मजा आ रहा है. मेरी चूत को बड़ा मजा आ रहा है … आह ह आह!
पीछे हम तीनों की रिकॉर्डिंग कर रहे अरुण ने कहा- तुम तीनों जानवरों की तरह चुदाई कर रहे हो.
मैं मॅाम फक करते हुए बोला- साली पुरानी रंडियां अब से पापा की जगह मैं तुम दोनों को चोदूंगा. लो अपनी चूत के मालिक के लंड रस को चखो.
मम्मी और मौसी दोनों मुस्कुराने लगीं.
मम्मी- मैं झड़ रही हूँ राज … आह तुम भी मेरी चूत में झड़ कर अपना माल भर दो … आह हां … मेरा बेटा मेरे अंदर बीज बो रहा है!
मम्मी इतनी जोर से झड़ीं कि वे घोड़ी बनी हुई थीं, उन्होंने एकदम से अपने दोनों हाथ हवा में उठाए और घुटने के बल खड़ी हो गईं.
इस वजह से मेरा लंड मुड़ गया और उनकी चूत से निकल गया.
तभी मौसी ने अपना मुँह मम्मी की चूत पर लगा लिया.
वे मेरा और मम्मी का माल चूत से चूसने लगीं.
मम्मी थक कर फिर वैसे ही पेट के बल नीचे गिर गईं.
मौसी मम्मी के चेहरे के पास गईं और अपने एक हाथ से उनके दोनों गालों को पकड़ कर उनका चेहरा ऊपर कर दिया.
दोनों गाल दबने की वजह से उनका मुँह थोड़ा खुल गया था.
मौसी ने अपने मुँह से थोड़ा सा माल मेरी मम्मी के मुँह में डाल दिया.
वे मुँह में माल डाल कर बोलीं- ये तुम्हारे और राज के माल का स्वाद है.
कोने में बैठा अरुण बड़े मज़े से ये सब देख रहा था- तुम सब हवसी लोग बहुत खुश दिख रहे हो.
उसने फोन किया.
अरुण फोन पर बोला- लगता है मैं जीत गया. आखिर मैंने राज से उसकी मां चुदवा दी. तुमने यह रोकने की कितनी कोशिश की कि राज की वासना ना बढ़े इसलिए तुम खुद उससे चुदने गईं. पर कुछ नहीं हुआ दीदी! तुम मुझसे चुद कर खुश रहती थीं. फिर भी कुछ बुरा किया तो मुझे माफ करना.
सोना फोन पर दूसरी ओर से बोली- हां, मुझे माफ करना.
यह कह कर सोना ने फोन काट दिया.
सोना- अरुण मुझे कभी खुश नहीं कर पाया. पर जो खुशी मुझे राज से मिली उसे मैं कभी भूल नहीं सकती. पर मुझे अब फर्क नहीं पड़ता. अपनी मां को चोद कर राज भी उस दलदल में फंस चुका है. मैं जितना उसके लिए कर सकती थी, मैंने किया.
सोना किसी ट्रेन में बैठ कर इन सबको छोड़ कर अपने दूर के रिश्तेदार के घर हमेशा के लिए जा रही थी.
मॅाम फक मां चोद कहानी पर आपके विचार मुझे बहुत कुछ समझाएंगे.[email protected]

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