अंकिता की चाभी करा गई उसकी चुदाई-1
Ankita ki Chabhi Kara Gai Uski Chudai-1
हाय दोस्तो, मेरा नाम राज है, मैं इंदौर का रहने वाला हूँ।
यह कहानी मेरी और अंकिता की है।
मैंने अन्तर्वासना पर बहुत सी कहानियाँ पढ़ीं और मेरा मन हुआ कि मैं भी अपनी कहानी आप तक पहुँचाऊँ।
सभी लड़कियाँ और आंटी अपनी पैन्टी में हाथ डाल लें और भाई लोग अपना हथियार अपने हाथ में ले लें।
तो पहले मैं आपको अपने बारे में बता दूँ, मैं 31 साल का शादीशुदा लड़का हूँ मैंने इसके पहले चुदाई सिर्फ अपनी पत्नी के साथ की है।
मैं दिखने में स्मार्ट हूँ और मेरा जिस्म तो औसत ही है, पर मेरा लंड 7.5 इंच का है।
मुझे चुदाई करना बहुत पसंद है। वैसे भी सिर्फ चूतियों को छोड़ दें तो चुदाई किसे नहीं पसंद है।
मैं अपने परिवार के साथ रहता हूँ मेरे दो बच्चे हैं और से 4 किलोमीटर दूर मेरा ऑफिस है, जो किराए का है।
मैं अपने ऑफिस पर ज्यादा वक्त अकेला ही रहता हूँ। मेरे ऑफिस के ऊपर एक परिवार रहता है, अंकिता भी उसी परिवार से है।
अंकिता 21 साल की लड़की है जो थोड़ी काली है, पर उसके उभार और उसका शारीरिक बनावट ऐसी है कि किसी का भी लंड खड़ा कर दे।
उसकी गाण्ड और मम्मों के बारे में लिखना मतलब उनकी सुन्दरता की तौहीन करना है क्योंकि मुझे लगता है उसकी सुन्दरता के बारे में लिखने को कोई शब्द ही नहीं बना है।
जब से मैंने अंकिता को देखा उसको अपने नीचे लेने का मन था।
उसे जब भी देखता वो मेरा खड़ा कर देती थी और शायद उसे यह बात पता भी थी कि मैं उसे देखता हूँ।
एक दिन की बात है, उसके घर वाले कहीं बाहर गए हुए थे और घर बन्द करके चाभी मुझे दे गए थे और बोल गए थे कि अंकिता आए तो उसे चाभी दे देना।
काफी इंतजार के बाद अंकिता आई और उसने घर की चाभी मुझसे मांगी और चाभी लेकर ऊपर चली गई।
थोड़ी देर बाद मेरे मन में शरारत सूझी, मैं पानी पीने के बहाने ऊपर गया और दरवाजा खटखटाया, पर जब कोई आवाज नहीं आई तो मैं अन्दर चला गया।
क्योंकि उसके घर वालों से मेरे सम्बन्ध अच्छे थे, तो मैं बिना रोक-टोक के अन्दर आ-जा सकता था।
अन्दर जाकर मैंने पानी पिया, पर वो कहीं नजर नहीं आई तो मुझे लगा टॉयलेट में होगी।
तो मैं वापस आने के लिए पलटा और उसका बाथरूम से निकलना हुआ।
उसने खुद को एक सफ़ेद तौलिया में लपेटा हुआ था।
लपेटा भी क्या हुआ था.. सिर्फ दोनों हाथों से तौलिया पकड़ा हुआ था।
मुझे देख उसके होश उड़ गए और उसे देख कर मेरे सुध-बुध ही खो गए।
क्या बला की खूबसूरत लग रही थी.. मानो कोई अप्सरा स्वर्ग से उतर आई हो।
मैंने उसको बोला- मैंने आवाज दी थी.. मुझे पानी पीना था और कोई जबाव नहीं आया, तो पानी पीने अन्दर चला आया।
वो बोली- कोई बात नहीं।
उसे देखते हुए पता नहीं मैं किन ख्यालों में खो गया।
उसने एकदम से कहा- मुझे भी एक बार पानी पिला दो अपने में से..