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दोस्त की मम्मी की अन्तर्वासना

Story Hindi 3 pages 11 years ago

दोस्त की मम्मी की अन्तर्वासना
नमस्ते दोस्तो, मैं अभिजीत हूँ मेरी उमर 19 साल है, मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ, मैं मुंबई में रहता हूँ। लोगों की कहानी पढ़ कर सोचा आपको मेरी कहानी के बारे में भी लिखूँ।
मेरा मानना है.. मैं ज्यादा खूबसूरत नहीं हूँ.. पर मेरे दोस्तों का कहना है कि मेरी हाइट 6 फिट और गोरा दिखना लड़कियों को मेरी तरफ आकर्षित करता है।
बात तब की है.. जब मैं 12वीं में पढ़ता था.. हम दोस्तों का उसूल था कि अगर किसी को मदद चाहिए तो हम सब दिल से उसकी मदद करते थे।
एक आंटी.. जिनकी फिगर 36-28-36 की है.. वे एक ऐसे खूबसूरत बला हैं.. मानो कोई अप्सरा ज़मीन पर उतर आई हो..
वो हमेशा कसे हुए कपड़े पहनती थीं.. गोरी तो थीं ही.. पर चुस्त कपड़ों से उनके उभार और उभर कर आते थे।
वैसे तो वो मेरे दोस्त की माँ थीं.. पर मेरी नज़र उनके मम्मों पर हमेशा ही गड़ी रहती थी।
मैं उनके बारे में सोच-सोच कर मुठ मारता रहता था.. वो बला ही ऐसी थीं।
एक दिन हम गली में क्रिकेट खेल रहे थे, उन्होंने मुझे आवाज़ दी.. मैं गया.. उन्होंने मुझे दुकान से सामान लाने को कहा.. मैं खेल रहा था.. पर मैं चला गया.. दुकान नज़दीक थी और मैं जल्दी वापस आ गया था।
आंटी ने मुझे आता देख घर में बुलाने का इशारा किया.. मुझे लगा कि वो मुझे डांटेगीं.. मैं डरते-डरते उनके पास गया.. उन्होंने मुझे बेडरूम में आने को कहा।
मैंने यही सोचा कि वो कहेंगी तू एक काम ठीक से नहीं कर पाता है.. वगैरह वगैरह..
मेरे अन्दर जाते ही वो बोलीं- इतनी धूप में क्या खेल रहा है.. आ यहाँ बात करते हैं।
मैं बोला- बोलो न आंटी क्या बात है?
आंटी- तेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है!
मैं- नहीं आंटी..
आंटी- क्यों रे.. तू तो इतना स्मार्ट दिखता है.. कोई गर्लफ्रेंड क्यों नहीं है?
मैं- बस आंटी.. कोई मेरे टाइप की मिली ही नहीं..
आंटी- कैसी गर्लफ्रेंड चाहिए तुझे?
मैं समझ गया कि आंटी के बोलने का क्या मतलब है।
मैं बोला- आंटी आपके जैसी..
वो बोलीं- मतलब..?
मैं बोला- जो आपकी तरह खूबसूरत दिखती हो.. जिसकी फिगर आप जैसी हो।

वो शायद मेरे उठे हुए लंड को ही देख रही थीं.. जो अन्दर से फन उठाए हुआ था।
आंटी बोलीं- ओके और..
मैं बोला- आपकी कोई भतीजी नहीं है क्या?
वो अचानक मुझे जो बोलीं.. दोस्तों अगर वो सवाल आप सुनते.. तो आपको भी शरम आती।
वो बोलीं- ये तेरे पैन्ट में कुछ है क्या?
मैं बोला- नहीं तो..
वो बोलीं- नहीं क्या.. तेरा सामान है क्या?
मैं बोला- आंटी मैं जा रहा हूँ..
वो बोलीं- अरे पहले अपना सामान तो दिखाता जा।
मैं शर्मा कर बोला- नहीं आंटी..
तो उन्होंने मेरा लंड पकड़ लिया.. मेरे बदन में करंट दौड़ गया।
उन्होंने मेरा पजामा एक ही बार में अंडरवियर के साथ नीचे कर दिया और मेरे लंड को हाथ में लेकर हिलाते हुए बोलीं- तेरा लंड तो कितना बड़ा है.. इतना बड़ा तो प्रतीक (मेरा दोस्त..

जिसकी माँ के साथ मैं था) के पापा का भी नहीं है।
इतना कह करके वो नीचे झुक कर मेरा लंड मुँह में लेने लगीं।
मैं एकदम से गर्म हो गया, वो मुझे बिस्तर पर धकेल कर खुद मेरे बाजू में लेट गईं।
मैंने उन्हें उनके होंठ और गले पर किस करने का काम चालू कर दिया।
मैं भी सेक्स के बारे में काफी कुछ जानता था.. यह बात कुछ और थी कि यह मेरा पहला सेक्स अनुभव था।
मैं भी मुंबई वासी हूँ.. और शहरों की अपेक्षा मुंबई के लौंडे दस गुण ज्यादा ले कर पैदा होते हैं। मैंने एक बार में ही उनका सूट.. ब्रा.. उनके बदन से अलग कर दिया।
मैं जैसा उनके मम्मों के बारे में सोचता था.. ये तो उसे भी ज्यादा खूबसूरत सीन था।
मैं उनके मम्मों को अपने हाथों में भर कर चूसने लगा.. तो उनके मुँह से आवाज़ आने लगी- आह्ह हाँ.. और पियो.. ऐसे ही चूसो..
मैं चूसता हुआ उनके निप्पल से पेट और पेट से चूत तक आ गया।
जैसे ही मैंने उनकी चूत को नंगा करके उस पर अपनी जीभ को लगाया.. वैसे ही उनके मुँह से ‘आहें’ निकल गईं।
वो मुझे अपनी चूत पर पाकर तड़प गईं और मेरे मुँह को अपनी चूत पर दबाने लगीं।
वो सीत्कार करते हुए चुदासी सी आवाज में बोलीं- आह्ह.. पिछले 9 साल से सूखी पड़ी है मेरी चूत.. इसमें मज़ा ला दो.. मैं तुमसे कब से इतने दिन से चुदना चाहती थी.. आह्ह.. आज चोद दो मुझे..
वो पंजाबी थीं तो पंजाबी औरत का मज़ा तो आप जानते ही हैं।
मैंने उनकी चूत पर से अपना मुँह हटा कर उनके लिप्स पर आ गया।
वो उतावली हो कर मेरे कपड़े उतारने लगीं और मेरे लंड से खेलने लगीं।
जैसे ही मैं उनके हाथ से लंड निकाल कर उनकी चूत पर रखने लगा.. तो उन्होंने मुझे थोड़ा रुकने का इशारा किया।
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मैं रुक गया.. उन्होंने कपबोर्ड में से कन्डोम का पैकेट निकाला और कहने लगीं- मैं जानती थी तू मुझे चोदेगा जरूर.. इस वास्ते पहले ही ले लिया था।
वो मुझे कन्डोम लगाने का इशारा करने लगीं।
मैंने कहा- अब लाई हो आंटी.. तो लगाने का काम भी तुम ही करो न..
उन्होंने जिस प्यारे तरीके से मेरे लंड पर कन्डोम लगाया.. मैंने सोचा आज आंटी की चूत तो मैं फाड़ कर रख दूँगा।
फिर मैं उन्हें चोदने को तैयार हुआ.. उनकी चूत पर अपना गरम लंड रखते ही उनके बदन में करंट सा दौड़ गया।
मैंने लौड़ा पेल दिया और उन्हें चोदने लगा, उनके मुँह से आवाज़ निकलने लगी- आहाहह.. ऐसे ही.. इसस्स्स्स्स्.. हाय मैं मर गई..
मैं उन्हें किस करते हुए चोदने लगा।
उन्हें मैंने कुतिया बना कर और कई अलग तरीकों से चोदा।
इसके बाद जब मैं झड़ने वाला था.. तो उन्होंने मेरे लौड़े से कन्डोम निकाल कर मेरा वीर्य मुँह में लेने की इच्छा व्यक्त की।
मैंने उनके मुँह को अपने गाढ़े वीर्य से भर दिया।
कुछ देर बाद मैं उन्हें बाथरूम तक ले गया।
वहाँ भी मैंने उन्हें फुव्वारे के नीचे भीगते हुए भी चोदा।

उसके बाद मैंने बाहर आकर अपने कपड़े पहने और चला गया।
उस दिन मैंने मेरे एक दूसरे दोस्त को इस बारे में बताया और आंटी की रजामंदी से मैं और मेरे दोस्त ने भी उन्हें हचक कर चोदा।
वो किस्सा मैं आपको अगली कहानी में बताऊँगा.. फिलहाल आप मुझे इस कहानी के बारे में ईमेल कीजिएगा।[email protected]

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