दोस्त की गर्मागर्म भाभी
मैं राहुल जैन जयपुर में पढ़ाई कर रहा हूँ और मैं यहाँ किराये पर रहता हूँ। मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ।
मैं आपको अपनी पहली कहानी बताने जा रहा हूँ कि मैंने अपने दोस्त की भाभी को कैसे चोदा!
अन्तर्वासना की आदत मेरे एक दोस्त ने डाली और मुझे भी इसमें मजा आने लगा। मैं उसकी ही भाभी को चोदने के सपने देखने लगा। मैं उसमें सफल भी रहा।
मेरे दोस्त का फार्म-हाउस जयपुर से बाहर है, हम अकसर उनकी खेती बाड़ी देखने के लिए वहाँ जाते रहते हैं। उसकी भाभी बहुत सुन्दर है और सेक्सी है। उसकी गांड के उभार देख कर मेरा लण्ड तन जाता है।
एक बार मेरे दोस्त के फार्म हाउस पर एक कार्यक्रम था। तो उसके सभी घर वाले वहाँ काम सम्हलाने के लिए वहीं थे, उसके घर पर उसकी भाभी और भैया ही थे।
मेरे दोस्त का फोन मेरे पास आया- यार मेरी भाभी को शाम को फार्म हाउस पर लेकर आ जायेगा क्या?
तो मैंने उसको पूछा- भैया नहीं हैं क्या?
तो उसने कहा- भैया तो दुकान पर हैं और वो तो रात को सात बजे तक आयेंगे।
मैंने तुरन्त हाँ कर दी और पूछा- भाभी को कब तक लेकर आना है?
उसने कहा- चार बजे तक उसके लेकर रवाना होना है!
मैं उसके घर पर दो घंटे पहले ही पहुँच गया और देखा कि भाभी जाने की तैयारी कर रही हैं पर खुद तैयार नहीं हुई हैं।
भाभी ने गाउन पहन रखा था।
भाभी मेरे लिए पानी लेकर आई और चाय के लिए रसोई में चली गई। मैं भी उनके पीछे-पीछे रसोई में चला गया और उनसे बातें करने लगा।
भाभी ने मुझसे पूछा- तुम मुझे अकसर घूरते क्यों रहते हो?
तो मैंने कहा- भाभी, आप बहुत सैक्सी हो!
भाभी की गांड देखते ही मेरा लण्ड खड़ा हो चला था। भाभी चोरी-छुपे मेरे लण्ड की तरफ देख रही थी, मैंने भाभी को कहा- क्या देख रही हो?
तो वो घबराने लगी, उन्होंने कहा- कुछ नहीं!
भाभी ने कहा- मैं तैयार होकर आती हूँ फिर अपन चलते हैं!
भाभी तैयार होने के लिए कमरे में चली गई। भाभी जब तैयार हो रही थी तो मैं उनको रोशनदान में से देख रहा था। उनके गोरे बदन को पैन्टी और ब्रा में देखकर मेरी हालत खराब हो रही थी, मेरा दिमाग केवल उनको चोदने के बारे में सोच रहा था।
तभी भाभी की नजर मेरे ऊपर पड़ गई, उन्होंने कहा- क्या देख रहे हो?
मैंने कहा- भाभी मैं आपको चाहता हूँ।
तो भाभी बोली- सोचते बहुत हो! आ जाओ फटाफट और प्यार करो मुझे!
मैं उनके कमरे में गया और उनके गोरे बदन को अपनी बाहों में भरकर उनके गालों को, होंठों को चूमने लगा। उन्होंने भी मेरा पूरा साथ दिया और कहा- मैं तुमसे कई दिनों से चुदने के बारे में सोच रही थी लेकिन मौका नहीं मिल पा रहा था। आज मौका मिला है तो मेरी चूत को और गाण्ड दोनों को चोद दो।
मैंने उनकी पैंटी और ब्रा खोलकर अलग कर दी और उनके नंगे बदन के दर्शन किए। मेरी जिन्दगी में पहली बार नंगी लडकी या औरत को मैंने देखा था।