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पड़ोसन भाभी को खिड़की से लंड दिखाकर चोदा

Story Hindi 6 pages 13 years ago

पड़ोसन भाभी को खिड़की से लंड दिखाकर चोदा
न्यूड भाभी सेक्स कहानी में पढ़ें कि मैं खिड़की के पास लंड खुजा रहा था. मैंने देखा कि सामने वाले घर से एक भाभी मुझे देख रही है. मैंने लंड बाहर निकाल लिया.
दोस्तो, मेरा नाम अभिनव सिंह है. मैं लखनऊ उत्तर प्रदेश का रहने वाला हूँ और अन्तर्वासना की चुदाई कहानी का एक नियमित पाठक हूँ.
मैंने अन्तर्वासना में बहुत सी कहानियां पढ़ी हैं. मेरे मन में भी विचार आया कि मैं भी अपनी चुदाई कहानी अन्तर्वासना पर आप सबसे शेयर करूं.
यह अन्तर्वासना में मेरी पहली न्यूड भाभी सेक्स कहानी है. आशा करता हूं आप सबको जरूर पसंद आएगी.
ये हॉट सेक्सी भाभी की चुदाई कहानी है व मेरे सच्चे अनुभव पर आधारित सेक्स कहानी है.
इसमें मैंने लिखा है कि कैसे खिड़की से भाभी को लंड दिखा कर उसे चोदा था.
सबसे पहले मैं आप सबसे अपना परिचय करा देता हूँ.
मेरी हाईट 5 फुट 11 इंच है और उम्र 26 साल की है. मेरे लंड का साईज 6.5 इंच है.
यह उन दिनों की बात है, जब मैं 2 साल पहले पुणे में जॉब के लिए गया था.

मैं पुणे में नया था इसलिए वहां किसी से जान पहचान नहीं थी. मैं वहीं ऑफिस के पास एक फ्लैट लेकर रहने लगा.
मेरे कुछ दिन तो ऐसे ही गुज़र गए.
ऑफिस से घर और घर से ऑफिस बोर भी हो गया था क्योंकि बहुत दिनों से किसी को चोदा भी नहीं था.
मैं फ्लैट में अकेले ही रहता था.
एक दिन ऐसे ही रोज़ की तरह फ्लैट पर वापस आया और कपड़े बदल कर खाना बनाने लगा.
मेरी आदत थी, घर में सिर्फ लोअर ही पहनता था, टी-शर्ट नहीं पहनता था.
चूंकि मैं जिम जाता था, तो एकदम फिट भी था.
खाना बना कर मैं फ्लैट में घूमने लगा और खिड़की पास जाकर खड़ा हो गया.
लंड में थोड़ी खुजलाहट हो रही थी तो वहीं खड़े खड़े लोवर के अन्दर हाथ डाल कर लंड खुजलाने लगा.
तभी मैंने देखा कि मेरे सामने जो बिल्डिंग थी, उसकी खिड़की से कोई देख रहा था.
थोड़ा अंधेरा था इसलिए साफ नहीं दिख रहा था, बस इतना दिख रहा था कि कोई औरत है और वो बहुत ध्यान से मुझे और मेरे लंड को देख रही थी.
उसे लग रहा था कि मैं उसे नहीं देख पा रहा हूँ क्योंकि उसके घर में थोड़ा अंधेरा था.
मैंने अपने घर की लाइट जला रखी थी इसलिए मैं उसे अच्छे से दिख रहा था.
वह इतनी हवस भरी नज़रों से बिना पलकें झपकाए मेरे शरीर और मेरे लोवर में कैद लंड को देख रही थी.
यह देख कर मेरा लंड धीरे धीरे खड़ा हो गया और अब लोवर में मेरा तना हुआ लंड बिल्कुल साफ दिखने लगा था.
मैं भी अपनी मस्ती में लंड को सहलाने लगा और ऐसे दिखाने लगा, जैसे कि मैं उसे नहीं देख पा रहा हूं.
फिर मैंने लंड को सहलाते हुए अपना लोवर थोड़ा नीचे कर दिया और मेरा तनतनता हुआ लंड बाहर आ गया, जिसे देख उसका मुँह एकदम से खुल गया और उसकी आंखें बड़ी हो गयी थीं.
वह बस मेरे लंड को देखे जा रही थी और मैं अपने लंड को धीरे धीरे सहला रहा था.

उसकी ऐसी हवस देख कर मेरा मन उसको चोदने के लिए बेताब हुआ जा रहा था.
तभी मैंने देखा कि उसके घर में दूसरे वाले कमरे से कोई आ गया, शायद वह उसका पति था.
वो तुरंत इधर उधर देखने लगी और उसका पति मुझे न देख ले, उससे पहले वह अपने पति को लेकर दूसरे कमरे में चली गयी.
मैंने भी जल्दी से अपना लोवर ऊपर किया और तुरंत लाइट बंद कर दी ताकि उसका पति मुझे ना देख पाए.
फिर मैं खाना खा कर लेट गया और उस भाभी के बारे सोचते सोचते लंड हिलाते हिलाते सो गया.
सुबह उठते ही मैं खिड़की के पास गया क्योंकि रात को मैंने उस औरत को ठीक से देखा भी नहीं था.
मैंने खिड़की से उसके घर में देखा तो कोई नहीं दिखा.
मैं थोड़ी देर वहीं खड़ा रहा, तभी तो मैंने देखा कि वह औरत खिड़की के पास आई.
आज मैंने उसे ठीक से देखा, तो देखता ही रह गया.
उसने नीचे शॉर्ट्स और ऊपर टी-शर्ट पहनी हुई थी, जिसमें उसका गदराया हुआ 36-30-38 का फिगर कातिलाना लग रहा था.
बड़ी बड़ी आंखें, उभरी हुई चूचियां, बड़ी सी गांड और उसकी गोरी जांघें देखते ही मेरा लंड सलामी देने लगा.
मैं उसी को देखे जा रहा था.
यह बात वो भी जानती थी पर ऐसे दिखावा कर रही थी जैसे उसने मुझे देखा ही न हो.
वो वही कमरे में ही घूमने लगी.
कभी वो अपनी चूचियां दिखाने के लिए नीचे झुक जाती, तो कभी पीछे घूम कर अपनी गांड दिखाने लगती.
जब वो अंगड़ाई लेती तो उसकी टी-शर्ट ऊपर को हो जाती और उसकी नाभि व कमर देख कर मेरा लंड बेक़ाबू हुआ जा रहा था.
मैं भी अपना लंड बाहर निकाल कर हिलाने लगा.
वो तिरछी नज़रों से मेरे लंड की तरफ देख रही थी.
उसका पति जॉब पर चला गया था.
फिर वो वहीं खिड़की के पास ही कुर्सी लगा कर बैठ गयी और उसने अपना मोबाइल खिड़की पर रख दिया, जिससे कि मुझे लगे कि वह मोबाइल में देख रही है.
लेकिन उसका ध्यान मोबाइल में कम मेरे लंड पर ज़्यादा था.
मैं थोड़ी देर लंड को हिलाता रहा और वो देखती रही.
फिर मैंने अपने लंड का पानी निकाल दिया.
अब मुझे ऑफिस के लिए देर हो रही थी.
मैंने उसी के सामने कपड़े पहने और ऑफिस चला गया.
मैं ऑफिस जाना तो नहीं चाहता था क्योंकि मौका अच्छा था.
उसका पति भी घर पर नहीं था; आज भाभी चुद सकती थी.
शाम को बॉस से बात करके मैंने दो दिन की छुट्टी ले ली क्योंकि अब चाहे जॉब रहे न रहे, भाभी को चोदना ज़रूरी था.
रात में फिर वैसा ही हुआ, लेकिन रात में उसका पति घर पर ही होता था इसलिए मैंने थोड़ी देर भाभी को लंड दिखाया और सो गया.
मैंने छुट्टी भी ले रखी थी तो सोचा कल दिन में भाभी को खुल कर लंड दिखाया जाएगा.
फिर मैं सुबह थोड़ा देर से सोकर उठा ताकि उसका पति जॉब पर चला जाए.
जब उसका हस्बैंड चला गया, तब मैं पूरा नंगा होकर खिड़की के पास चला गया भाभी भी खिड़की के सामने ही कुर्सी पर बैठी शायद मेरा ही इंतज़ार कर रही थी.
उसने कल की तरह मोबाइल सामने रखा हुआ था और उसी में देखते हुए तिरछी नज़रों से मुझे देखने लगी.

फिर कुछ मिनट बाद वह अन्दर चली गयी.
मैंने सोचा अभी आ जाएगी. मैंने सोचा कि आज मैं उससे कुछ इशारे में बात करने की कोशिश करूंगा.
लेकिन काफी समय हो गया, वो नहीं आई.
मैं वहीं बैठ गया और उसका इंतज़ार करने लगा.
करीब 30 मिनट बाद वह वापस आयी.
जब वो आयी कि तो ऐसी आई कि मैं तो बस उसे देखता ही रह गया.
क्योंकि वो नहा कर आई थी. उसने सिर्फ टॉवल लपेट रखी थी. वो मेरी तरफ अपनी गांड घुमा कर खड़ी हो गयी. अपने बाल सुखाने लगी.
उसकी मोटी गांड आधी खुली हुई थी.
वह ऐसा दिखावा कर रही थी जैसे कि उसको पता ही न हो कि मैं उसे देख रहा हूँ.
फिर उसने अपना टॉवल खोला और जमीन पर छोड़ दिया. न्यूड भाभी की बड़ी सी गोरी गांड देख मेरे होश उड़ गए. मन तो कर रहा था कि खिड़की से ही उसकी गांड में लंड डाल दूँ.
वह अपनी गांड हिला हिला कर दिखा रही थी. उसका मुँह दीवार की तरफ था और गांड मेरी तरफ.
मेरा लंड पूरे जोश था और मैं उसकी गांड देख कर अपना लंड सहला रहा था.
मुझे उसका पूरा बदन देखने की उत्सुकता हो रही थी क्योंकि मुझे उसकी चूचियां और चूत नहीं दिख रही थी.
थोड़ी देर बाद उसने अपनी गांड मटकाना बंद किया और मेरी तरफ घूम गयी.
अब उसका नंगा बदन बिल्कुल मेरे सामने था.
उसके 36 के बड़े बड़े दूध निप्पल एकदम टाइट थे.
उसकी चिकनी गोरी चूत देख कर लग रहा था मानो अभी ही शेव करके आई हो.
ऐसा गदराया बदन देख मेरे मुँह में पानी आ गया.
मेरा मन कर रहा था कि अभी ही चोद दूँ साली को.
पर वह मुझे ऐसे अनदेखा कर रही थी जैसे उसको पता ही न हो कि कोई उसको देख रहा है.
फिर वहीं खड़े खड़े वो अपने बदन पर लोशन लगाने लगी, अपने बूब्स पर अपनी चूत और जांघों पर लोशन लगा कर अपनी मस्ती में मगन होकर अपने बूब्स के साथ खेलने लगी.
वो अपने मम्मों को जोर जोर से मसलने लगी.
फिर उसने अपनी टांगों को थोड़ा सा फैला लिया और अपनी चिकनी गुलाबी चूत को अपनी उंगलियों से धीरे धीरे रगड़ने लगी.
वो अपनी आंखें बंद करके सिसकारियां लेने लगी.
ऐसा नजारा देख कर मुझसे भी रहा नहीं गया.
मैं अपने लंड को तेज़ी से हिलाने लगा.
थोड़ी देर बाद मैंने अपने लंड का पानी वहीं खिड़की पर निकाल दिया, उधर उसकी चूत का पानी निकल चुका था.
फिर उसने मेरी तरफ देखा और प्यारी सी स्माइल देकर वह अन्दर दूसरे कमरे में चली गयी.
उसकी स्माइल देख मैं समझ गया कि आज तो भाभी चुद ही जाएगी.
अब मैं नहाने चला गया.
मैंने जल्दी से नहा कर टॉवल लपेटा और फ्रिज में से एक बियर की बोटल निकाली और खिड़की के पास बियर की बोटल लेकर कुर्सी पर बैठ गया.
मैं बियर का मज़ा लेते हुए भाभी का खिड़की के पास आने का इंतज़ार करने लगा.
थोड़ी देर बाद भाभी खिड़की पर आयी. इस बार उसने ओपन नाईटी पहन रखी थी.
उसकी नाईटी सामने से खुली हुई थी, जिससे मुझे उसकी ब्लैक कलर की ब्रा और पैंटी साफ दिख रही थी.
इस बार भाभी और भी ज़्यादा हॉट लग रही थी.

उसका यह सेक्सी अंदाज़ देख कर मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया और तौलिए को तम्बू बना चुका था.
भाभी भी कुर्सी लगाकर अपनी खिड़की के सामने बैठ गयी.
इस बार वह बिना झिझक मेरी ओर देख रही थी. मैं भी उसको देखने लगा. उसकी नशीली आंखें जैसे मुझे बुला रही थीं.
मैंने सोचा कुछ इशारे किए जाएं.
फिर मैंने भाभी को इशारे से बियर ऑफर की.
उसने थोड़ा सोचा और हां में सिर हिलाते हुए जवाब दिया.
मैंने इशारे में भाभी से पूछा- घर में कोई है?
भाभी ने ना में सिर हिलाते हुए कहा- नहीं.
फिर मैं खड़ा हुआ और मैंने तौलिया खोल दिया.
मैंने लंड की तरफ इशारा करते हुए भाभी से पूछा कि लंड चाहिए?
भाभी ने हाथ में लंड पकड़कर मुँह खोल कर लंड चूसने का इशारा किया.
यह देख मैं और गर्म हो गया मेरा लंड और तन गया.
मैंने तुरंत इशारे भाभी से पूछा- मैं आपके घर आ जाऊं?
भाभी ने भी हां में सिर हिला दिया.
मैंने तुरंत लोअर टी-शर्ट पहना, फ्रिज से बियर की 2 बोतल निकाल कर थैली में रखीं और सामने वाली बिल्डिंग में भाभी के फ्लैट पर चला गया.
मैं पहुंचा तो मैंने देखा कि भाभी दरवाजा खोलकर दरवाजे पर ही खड़ी थी.
मेरे एक हाथ में बियर की थैली थी.
मैंने अपना दूसरा हाथ भाभी की कमर में डाल कर भाभी को अपनी ओर खींचा और बिना कुछ बोले किस करने लगा.
भाभी भी मेरा पूरा साथ दे रही थी.
मैंने भाभी को किस करते करते ही दरवाजे को पैर से बंद किया और बियर की बोटल टेबल पर रख कर हम दोनों एक दूसरे के होंठों को चूसने लगे.
अब मेरा एक हाथ भाभी के दूध पर था और दूसरा हाथ उसकी गांड पर.
फिर भाभी ने मेरी टी-शर्ट निकाल दी और लोअर के अन्दर हाथ डालकर लंड सहलाने लगी.
मैंने भी भाभी की नाइटी उतार दी और ब्रा के ऊपर से ही उसके बूब्स चूसने लगा.
देर न करते हुए मैंने भाभी की ब्रा और पैंटी निकाल कर नंगी भाभी को सोफे पर पटक दिया.
भाभी ने तुरंत पैर हवा में फैला दिए.
उसकी चूत देख मुझसे रहा नहीं गया. मैंने अपना लोअर निकाला और अपना लंड भाभी की चूत पर टिका दिया और उसकी चूत पर रगड़ने लगा.
न्यूड भाभी की चूत इतनी गीली हो चुकी थी कि लंड खुद अन्दर की ओर फिसल रहा था.
भाभी ने मेरी तरफ देख कर स्माइल देते हुए कहा- लंड डालो.
यह सुनते ही मैंने एक जोरदार धक्का मारा और मेरा पूरा लंड भाभी की चूत को फाड़ते हुए अन्दर चला गया.
भाभी सिस्कारने लगी- आहह … उईईई … कमीने धीरे डाल … चूत फाड़ेगा क्या!
मैं बोला- अपने पति से नहीं चुदवाती हो क्या … जो इतना चिल्ला रही है?
भाभी बोली- उसका इतना अन्दर तक नहीं जाता.
मैं धीरे धीरे लंड को आगे पीछे करने लगा.
भाभी भी गांड उठा उठा कर चुदाई के मज़े लेने लगी.
मैंने उसके दोनों आमों को हाथों में जकड़ लिए और ज़ोर ज़ोर से लंड अन्दर बाहर करने लगा.
कोई पन्द्रह मिनट चुदाई के बाद मैंने भाभी से कहा- मेरा पानी निकलने वाला है.
भाभी भी दो बार झड़ चुकी थी.

भाभी ने कहा- अन्दर ही निकाल दो.
मैंने रफ्तार बढ़ा दी और अपने लंड का पूरा पानी भाभी की चूत के अन्दर ही निकाल दिया.
फिर वहीं सोफे पर भाभी के बगल में बैठ गया.
ने मेरे होंठों को चूमते हुए कहा- अब बियर भी पिलाओगे या चोदते ही रहोगे?
मैंने एक बियर की बोतल खोल कर भाभी को दी और एक बोतल खुद लेकर बैठ गया.
भाभी भी मेरी गोद में आकर बैठ गयी और बियर पीने लगी.
बियर पीते हुए मैं उसके दूध दबा रहा था.
भाभी भी अपनी मेरे लंड को अपनी गांड से दबा दबा कर उस पर अपनी गांड घुमा रही थी.
फिर भाभी मेरी गोद पर से उठ गई और जमीन पर अपने घुटनों के बल बैठ गयी.
उसने अपने मुँह में बियर भरी और मेरे लंड पर डाल दी. फिर लंड पर लगी हुई बियर को चाटने लगी.
थोड़ी देर लंड चूसने के बाद भाभी खड़ी हो गयी.
उसने मुझे किस किया और मेरे हाथ से बियर की बोतल लेकर एक सिप लगा कर बियर की बोतल को वहीं नीचे रख दिया.
मेरा लंड पकड़कर उसने मुझे खड़ा किया और मेरे लंड को पकड़े हुए मुझे अन्दर कमरे में ले गयी.
उसने मुझे बेड पर धकेल दिया और मेरे मुँह पर अपनी चूत रख दी.
वो मेरे ऊपर ही लेट कर मेरे लंड को लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी.
मैं भी उसकी चूत को अपनी जीभ से चाटने लगा.
भाभी ‘अहह … उम्म्म्म … हम्म्म्म …’ करती हुई मेरे लंड को चूस रही थी.
थोड़ी देर में भाभी की चूत का पानी निकल गया और मैंने अपनी जीभ से चाटकर उसकी चूत का पानी साफ कर दिया.
भाभी मेरे मुँह पर से उठी और मेरे लंड को अपने थूक से गीला करके उसपर बैठ गयी.
मेरा पूरा लंड उसकी चूत के अन्दर आसानी से समा गया और उसकी बच्चेदानी में जाकर लड़ गया.
भाभी ने थोड़ी सिसकारी ली लेकिन उसे अच्छा लगा.
फिर वो मेरे लंड पर कूदने लगी, उछल उछल कर मेरा लंड अपनी चूत में लेने लगी.
मैं भी अपनी गांड थोड़ी उठा लेता, जिससे कि लंड उसकी बच्चेदानी में लड़ता रहे.
उसकी बड़ी गांड मेरी जांघों से लड़ने की वजह से थप थप की आवाज़ें आ रही थीं, जिससे उसकी उत्तेजना और बढ़ जा रही थी.
फिर वह मेरे लंड पर से उतर गयी और बगल में जाकर कुतिया बन गयी.
वो बोली- अब तुम डालो, मेरे पैरों में दर्द होने लगा.
मैं मुस्कुराया और भाभी के पीछे आ गया.
मैंने भाभी की गांड पर एक थप्पड़ मारा और उसकी चूत में अपना लंड डाल दिया.
फिर उसके लटकते हुए दूध को पकड़कर चोदने लगा.
भाभी भी अपनी गांड हिला हिला कर मज़े लेने लगी.
वो अपनी गांड आगे पीछे कर रही थी.
मैं भी उसके बाल पकड़कर कर जोर जोर से धक्के मार रहा था.
भाभी की चूत बार बार पानी छोड़ रही थी जिससे मेरा लंड आसानी से उसकी चूत में गोते लगा रहा था.
मैंने भाभी से कहा- पानी चूत में ही डाल दूँ?
उसने कहा- नहीं, इस बार मेरे मुँह में डालो, मुझे पीना है.
मैं खड़ा हो गया और भाभी मेरे लंड के सामने अपना मुँह खोलकर बैठ गयी.
मैंने मुठ मारकर अपना पानी उसके मुँह में और उसके मुँह में निकाल दिया.

भाभी मेरे लंड का पानी पी गयी और उसने मेरा लंड चूस चूस कर साफ कर दिया.
फिर हम दोनों वहीं लेट कर बातें करने लगे.
मैंने भाभी से कहा- चलो नहा लेते हैं.
भाभी ने कहा- नहीं, अभी तुम अपने घर जाओ. उधर अपने घर जाकर नहा लेना क्योंकि थोड़ी देर में मेरा चूतिया पति आता ही होगा. कल जैसे ही मेरा पति जॉब पर जाएगा, मैं तुम्हें बुला लूंगी, फिर जो करना होगा कर लेना.
मैंने ओके कहा.
भाभी कहने लगी- थोड़े दिन तक के लिए तुम ऑफिस से छुट्टी ले लो क्योंकि मुझे रोज़ ऐसी ही चुदाई चाहिए.
मैंने भी खुशी से हां कर दी क्योंकि मुझे भी तो यही चाहिए था.
फिर मैंने अपना लोअर टी-शर्ट पहना और जाने लगा.
भाभी मुझे दरवाजे तक नंगी ही छोड़ने आयी.
उसने मुझे हग किया और मेरे लंड हाथ से दबा कर बोली- आज इसने मुझे खुश कर दिया.
मैंने उसकी चूत सहलाई और कहा- और इसने मुझे!
वो मेरे होंठों को चूम कर बोली- अब जाओ और कल जल्दी आ जाना.
मैं अपने फ्लैट पर आ गया.
मैंने ऑफिस में फ़ोन करके एक हफ्ते की छुट्टी ले ली.
फिर सुबह जैसे ही उसका पति जॉब पर गया, उसने मुझे खिड़की से इशारा किया कि आ जाओ, मेरा पति चला गया है.
उसके बाद से एक हफ्ते तक तो मैंने लगातार भाभी की चुदाई की.
उसके बाद जब भी टाइम मिलता, भाभी चुदवाने के लिए मुझे अपने घर बुला लेती या मेरे घर आ जाती.
चार महीने तक मैंने भाभी को खूब चोदा.
फिर मैं अपने घर लखनऊ आ गया.
दोस्तो, ये मेरी पहली सेक्स कहानी थी कि कैसे मैंने खिड़की से पड़ोसन भाभी को लंड दिखा कर चोदा था.
आपको यह चुदाई कहानी कैसी लगी, फ़ीडबैक ज़रूर दें.
मेरा ईमेल आइडी मैंने नीचे लिख दिया है. आप न्यूड भाभी सेक्स कहानी पर कमेन्ट करना भी न भूलें.[email protected]

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