बोक्सर भाई के बहन की चुदाई
हाय पाठको !
आपका शुक्रिया कि आपने मेरी कहानी को इतना पसंद किया कि मुझे दूसरी कहानी बताने का हौसला मिला। तो शुरु करता हूं और अपने एक नये अनुभव को आप के सामने पेश करता हूं।
बात उन दिनो कि है जब मैं सर्दी के दिनों में धूप सेंक रहा था, मेरे पड़ोस की कुछ लड़कियां भी हमारे घर की छत पे धूप सेंकने आती थीं क्योंकि हमारे घर की छत पे धूप बहुत अच्छी लगती थी। मेरा एक दोस्त, जिसका नाम बोक्सर भाई था, की बहन भी धूप सेंकने हमारी छत पे ही आती थी। उसका नाम बोबी था। गज़ब की सेक्स बोम्ब थी वो। उसकी मस्त गांड को देखकर किसी का भी लंड खड़ा हो सकता था। उसको चोदने का बहुत मन तो था लेकिन बोक्सर से डर की वज़ह से कभी हिम्मत नहीं हो पायी थी। मेरी और उसकी बहुत अच्छी दोस्ती थी लेकिन शायद बोक्सर भाई को हमारी ये दोस्ती पसंद नहीं थी। वो टाइम टाइम पे मुझे धमकी देता था कि मैं उसकी बहन से किसी तरह की दोस्ती न रखूं, लेकिन आप तो जानते हैं कि लंड की प्यास के आगे हर कोई बेबस है।
उस दिन मोम डोक्टर के पास गयी हुयी थी। मैं घर पे ब्लु मूवी देख रहा था। मुझे पता भी नहीं चला कि कब बोबी मेरे पीछे आ के खड़ी हो गयी। वो मूवी देखने लगी। अचानक उसके हाथ से कुछ टकराया, मैने मुड़कर देखा तो बोबी मेरे सामने थी। मैने पहले तो टीवी ओफ़ किया, मुझे समझ नहीं आ रहा था कि क्या करुं।
अचानक बोबी ने कहा-तुम तो बहुत गंदे हो, मैंने कहा नहीं बस टाइम पास कर रहा था। उसने कहा बोक्सर भैया ठीक कहते हैं कि तुमसे कोई वास्ता ना रखुं, मुझे उम्मीद नहीं थी कि तुम ऐसी मूवीज़ भी देखते होगे। मैंने कहा-मूवी तो तुमने भी देखी है।तो उसका जवाब था-मेरी हिम्मत ही नहीं हुई कुछ कहने की
अब मेरी हिम्मत कुछ बढ़ने लगी थी, मैंने उसका हाथ पकड़ लिया और कहा प्लीज़ मोम या डैड से इस बारे में कुछ नहीं कहना जबकि मैं भी जानता था कि वो कुछ कहने वाली नहीं है। मैंने देखा कि उसने अपना हाथ छुड़ाने की ज़रा भी कोशिश नहीं की। मेरा हौसला और भी बढ़ गया। मैंने उसके हाथ को धीरे धीरे दबाना शुरु किया और उसे अपनी बाहों में भर लिया। शायद फ़िल्म देख के वो भी गरम हो चुकी थी। उसने कोई विरोध नहीं किया। मैंने उसके होठों को हल्का सा चूम लिया और कहा प्लीज़ मोम से मत कहना, उसने जवाब नहीं दिया। मैंने उसकी चूची को चूम लिया और कहा-मोम से मत कहना प्लीज़, उसने कोई जवाब नहीं दिया। वो मस्त हो चुकी थी।
मैंने धीरे धीरे अपना हाथ उसकी कमीज़ में डाल दिया और उसके मोम्मे दबाने लगा। मैंने अब मोर्चा सम्भालना शुरु कर दिया था, मैंने धीरे से उसकी ब्रा के हुक खोल दिये और उसकी कमीज़ और ब्रा को अलग कर दिया शायद वो मज़ा ले रही थी अब उसकी चूचियां मेरे सामने थी, मैने उसकी चूचियों को अपने मुँह मे डाल लिया।