कसी हुई चूत का मजा
प्रेषक : सोमी रघुवंशी
बात दो साल पहले की है जब मेरी नौकरी दिल्ली में लगी थी। मैं वहाँ अपनी मौसी के यहाँ रहता था। उनके पड़ोस में एक घर था जिसमें दो लड़कियाँ रहती थी, दोनों बहनें थी जिनमें छोटी बहन बहुत ही मस्त थी। उसका बदन होगा कोई 30-26-32, एकदम गोरी और 5’3″ लम्बी ! कोई भी उसे देख ले तो लंड खड़ा हो जाये।
शाम को अक्सर मैं छत पर घूमा करता था, मैंने देखा कि वो लड़की मेरी तरफ देख कर मुस्कराती थी तो एक दिन मैंने भी हिम्मत करके उससे उसका नाम पूछ लिया। उसने अपना नाम सौम्या बताया। मैंने उसको अपना मोबाइल नंबर दे दिया।
अगले दिन उसका फ़ोन आया तो मैंने उससे मिलने का प्रोग्राम बनाया और फिर दो दिन बाद हम लोग एक पार्क में मिले। वहाँ मैंने बातों बातों में ही उसे अपने मन की बात कह दी। तो उसने बोला- सोच कर बताऊँगी।
अगले दिन हम फिर मिले, मैंने उससे जवाब मांगा तो उसने हाँ में जवाब दिया। तभी मैं उसके होंटों को चूसने लग गया और वो भी मेरा साथ देने लगी।
फिर मैंने अपना एक हाथ उसके मम्मे पर रख दिया और दबाने लगा। क्या मम्मे थे, एकदम सख्त !
बहुत मजा आ रहा था, तभी उसने मेरे को धक्का दिया और कहने लगी- पहली बार में ही सब कुछ कर लोगे?
तो मैंने कहा- क्या करूँ ! तुम इतनी मस्त जो हो !
वह कहने लगी- अभी नहीं, वक्त आने पर सब कुछ करेंगे ! अभी यहाँ पर नहीं !
मैंने कहा- ठीक है !
और हम लोग वापस घर आ गए।
शाम को मैंने उसे फ़ोन किया और कहा- रात को मैं कमरे का दरवाजा खुला रखूँगा, तुम आ जाना !
पहले तो वो मना करने लगी, लेकिन बाद में मान गई। मेरी तो ख़ुशी का ठिकाना ही नहीं था। फिर मैंने खाना खाया और अपने कमरे में सोने आ गया पर मुझे कहा नींद आने वाली थी, बस लेटा हुआ उसके बारे में सोच रहा था और सोचते सोचते पता नहीं चला कि कब नींद आ गई।
अचानक मुझे अपने दरवाजे पर किसी कि आवाज लगी, मैंने देखा तो सौम्या मेरे सामने खड़ी हुई थी। मैं तो उसे देखता ही रह गया। इतने में वो बोली- अन्दर आने को नहीं कहोगे?
“हाँ हाँ यार, आओ !” और मैंने तुरंत उसको बाहों में ले लिया, उसको चूमने लगा, उसके होंटों से अपने होंट लगा दिए और चूसने लगा। क्या मजा आ रहा था, बता नहीं सकता !
फिर मैंने एक हाथ उसकी नाइटी के अन्दर हाथ डाला और मम्मे दबाने लगा और वो सिसकारियाँ भरने लगी। फिर मैंने एक एक करके दोनों मम्मों को बहुत देर तक दबाया। फिर मैंने उसकी नाइटी उतार दी। अब वो मेरे सामने सिर्फ ब्रा पेंटी में थी। क्या माल लग रही थी !
अब मैंने एक हाथ उसकी पेंटी में डाल दिया, उसकी चूत गीली हो चुकी थी और धीरे धीरे उसकी चूत में उंगली घुसाने लगा। जैसे ही उंगली घुसी, उसकी धीमे से आह की आवाज निकल गई और मुझे पता चल गया कि उसे भी मजा आ रहा है।
उसने भी अपना हाथ मेरी चड्डी के अन्दर डाल दिया।