कविता का प्रोजेक्ट
प्रेषक : विकास कुमार
मेरा नाम विकास है, मेरा कद ५’७” और मेरा लण्ड ६” का है। मैं गुड़गांव का रहने वाला हूँ। मैंने बहुत सी कहानियाँ पढ़ी तो मेरा भी मन एक कहानी लिखने को हुआ।
हमारे पड़ोस में कविता नाम की एक लड़की रहती है। मैं उसे बचपन से जानता हूँ पर अब वो जवान हो गई है, उसकी फ़ीगर ३२ २८ ३० है। वो मुझे बहुत ही सेक्सी लगती है। मैं उसे बहुत पसन्द करता हूँ। वो अक्सर हमारे घर आती रहती है पर मेरी कभी उससे कुछ कहने की हिम्मत नहीं हुई।
एक दिन उसकी मम्मी हमारे घर पर आई और उसने मुझे कहा कि कविता को इंटरनेट पर साइंस का प्रोजेक्ट निकालना है। वो मेरे पास इस लिए आई थी क्योंकि मैं कंप्यूटर हार्डवेयर नेट्वर्किंग का काम करता हूँ। मैं अन्दर से खुश हो गया।
लेकिन मैंने ना जाने का बहाना बनाया। उसने कहा उसे बहुत जरुरी प्रोजेक्ट बनाना है। मैंने कहा- ठीक है।
फ़िर मैंने उसे अपनी बाइक पर बिठाया और हम दोनों शोना चौक साइबर कैफे चले गए। हमने वहां प्राइवेट केबिन लिया, जैसे ही हम केबिन में गए तो देखा कि केबिन में एक ही कुर्सी थी, मैंने कैफे वाले से कहा तो उसने मना कर दिया क्योंकि उस दिन रविवार था और कैफे में बहुत भीड़ थी।
जब मैंने कविता को कहा तो उसने कहा कोई बात नहीं हम एडजस्ट कर लेते हैं।
हम केबिन में गए और मैंने केबिन का दरवाजा बंद कर दिया। केबिन की कुर्सी छोटी थी जिससे हम दोनों चिपक कर बैठ गए। उस दिन कविता ने सफ़ेद सुइट -सलवार पहनी थी। मेरी टांग उसकी टांग से चिपकी हुई थी, जिस से मेरा लंड पूरा खड़ा हो गया।
उस दिन शायद मेरी किस्मत अच्छी थी जिससे उसकी प्रोजेक्ट वाली साईट खुल नहीं रही थी। कुछ देर बाद उसने कहा कि प्रोजेक्ट साईट तो खुल नहीं रही चलो चलते हैं।
लेकिन मैंने कहा कि मैं तब तक अपनी आइ.डी चेक कर लेता हूँ, तो वो मान गई।
जैसे ही मैंने कीबोर्ड पर लिखना शुरू किया तो मेरा हाथ कविता के बूब्स पर लग गया। उसके बूब्स एक दम कड़क थे। फिर मैंने आपनी साईट खोली तो उसमे सेक्सी पिक्चर आई हुई थी। जैसे ही वो खुली तो मैंने उन्हें झट से बंद कर दिया।
उसने कहा- क्या था ये?
मैंने कहा- तुम्हारे मतलब की चीज नहीं है !
उसने कहा- दिखाओ तो सही !
मैंने कहा- तुम बुरा तो नहीं मानोगी?
उसने कहा- नहीं मानूंगी !
फ़िर मैंने वो फोटो खोल दी। वो उसे देख कर शरमा गई और नज़रे नीचे झुका ली।
फ़िर मैंने पूछा- तुम ऐसी फोटो पसंद करती हो क्या?
उसने कहा- नहीं !
फ़िर मैंने कहा- और देखना चाहती हो?
तो उसने शरमाते हुए कहा- तुम्हारी मर्जी !
मैं समझ गया कि अब वो तैयार है।