पड़ोस वाले चाचा चाची के गुलछर्रे
प्रेषक : प्रणय
हेलो दोस्तो, यह मेरी पहली कहानी है। मैं अन्तर्वासना का प्रशंसक हूँ और आज इसी वजह से मैं मेरी कहानी लिखने जा रहा हूँ।
मेरा नाम प्रणय है। मैं गुजराती हूँ और मुझे घूमना अच्छा लगता है।
यह बात उन दिनों की है जब मैं पढ़ता था। दोस्तो, मैं सब लोगों के बारे में जानकारी इसलिये दूंगा क्यूंकि बिना जाने आपको पढ़ने में मजा नहीं आएगा। मैं उन दिनों गर्मी की छुट्टियों में अपने गाँव आया हुआ था। वहाँ पड़ोस में दो बहनें रहती थी, वो मेरी बड़ी अच्छी दोस्त थी, वैसे भी गाँव में कोई भी शहर से जाता है तो वो सबकी आँखों का तारा होता है। मैं ज़्यादातर उनके घर में ही रहता था, उनके घर में उनके पापा माँ और चाचा भी रहते थे। उनके पापा पोलिस में थे जो गोली लगने की वजह से दोनों पैर खो चुके थे, चाचा खेत संभालते थे। चाची की उम्र 25 साल थी, वो एकदम बिपासा की तरह दिखती थी।
हम सब दोपहर को छुपाछुपी खेल रहे थे और मैं बेडरूम के बेड की नीचे छुप गया था।
अचानक से चाची बाथरूम से नहा कर आई, मैंने पलंग नीचे छिपे रहने में ही अपनी भलाई समझी। थोड़ी देर में चाची साड़ी पहनने लगी बेडरूम पीछे की ओर था इसलिये चाची ने दरवाजा बंद नहीं किया था। जैसे चाची शीशे के सामने गई तो उन्हें ऐसा लगा कि बाहर से कोई झांक रहा है। उन्हें पता चल गया कि चाचा आज खेत से जल्दी आकर उन्हें देखने का मजा ले रहे थे। वो जल्दी से दरवाजे की और बढ़ी पर चाचा तब तक दरवाजे में आ चुके थे।
पहले तो चाची ने कहा- आप बाहर चले जाओ !
पर चाचा ने धीरे से कहा- क्यूँ तुम जख्मी पति को और जख्मी करना चाहती हो?
चाची गिड़गिड़ाने लगी पर चाचा ने एक न सुनी और दरवाजा बंद करके चाची की आधी पहनी हुई साड़ी निकाल दी और चुम्मियाँ लेने लगे। मैं तो यह देखते ही दंग रह गया क्यूंकि मुझे तब पता नहीं था कि सेक्स क्या होता है। मुझे सिर्फ उतना ही पता चल रहा था कि चाचा चाची से प्यार कर रहे है।
थोड़ी देर छुटने का प्रयास करने के बाद अब चाची भी उनका साथ देने लगी थी और वो भी चाचा को चूमने लगी थी। थोड़ी देर ऐसे ही चूमने के बाद चाचा ने चाची की चूचियों को मसलना शुरु किया जो ब्लाउज में समा ही नहीं रही थी, और दूसरी तरफ चाची उनके लंड को ऊपर से ही मसल रही थी। उतने में जोर से कपड़ा फटने की आवाज़ आई जो चाची का ब्लाउज फटने की थी और चाचा अब चाची की ब्रा निकाल रहे थे।
ब्रा खोलने के बाद चाचा ने तुरंत ही मम्मा मुँह में ले लिया और चूसने लगे।
पहले मुझे ऐसा लगा कि चाचा अभी भी छोटे बच्चों की तरह मम्मे से दूध पीते होंगे। पर मुझे तब कहाँ पता था कि वो तो सेक्स का मजा ले रहे थे। थोड़ी देर में चाची गर्म हो गई और चाचा की पैंट निकालने लगी।