पहली बार आंटी की चुत का स्वाद
दोस्तो.. सबसे पहले मेरा खड़े लंड वालों और खुली चुत वालियों को नमस्कार। मेरा नाम सूरज है, मैं भोपाल से इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा हूँ। मैं दिखने में एक औसत सा लड़का हूँ।
बात 2012 की है.. जब मेरा इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला हुआ था। मैं भोपाल में ही एक रूम लेकर रहने लगा। मेरे पड़ोस में एक फैमिली थी.. उसमें एक आंटी रहती थीं जो बहुत ही सुंदर दिखती थीं।
मुझे वहाँ रहते हुए अभी 2 महीने ही हुए थे कि मेरा उस फैमिली से कुछ जरूरत से ज्यादा अच्छा परिचय हो गया था। मैं आंटी के बारे में बता दूँ वो 40 साल की खूबसूरत औरत हैं.. उनकी 18 साल की एक लड़की और 12-13 साल का लड़का है। उनके पति किसी मार्केटिंग जॉब में हैं.. जिसके चलते उनको महीने में 6-7 दिनों के लिए बाहर जाना पड़ता था।
एक बार अंकल एक हफ्ते के लिए बाहर गए हुए थे.. उनकी बेटी और बेटा स्कूल गए थे। मैं फ्रिज का पानी पीने के लिए आंटी के यहाँ गया और दरवाजा खटखटाया.. तो आंटी ने दरवाजा खोला। इस वक्त वो गाउन पहने हुए थीं। मैं उन्हें गाउन में देख कर दंग रह गया.. वो इस समय एकदम कोई 20 साल की माल लग रही थीं। मेरा लंड उन्हें देख के खड़ा हो रहा था। मैंने आंटी से पानी माँगा और लेकर चला गया और जाते-जाते उनकी चुत की तरफ देखता गया।
उस टाइम पर मेरे एग्जाम चल रहे थे.. कॉलेज बंद था। इस तरह दोपहर में मैं 2 बजे रोज जाता.. आंटी से पानी मांग लाता और उनकी चुत की तरफ देखता रहता। ऐसे ही चार दिन बीत गए पांचवें दिन मैं पानी लेने गया तो वे पानी देने आईं और आज आंटी मुस्कुरा रही थीं।
मैंने उनकी चुत की तरफ देखा जो नेट के गाउन में साफ दिख रही थी। शायद आंटी ने पेंटी नहीं पहनी थी।
जब आंटी पानी लेने गईं तो मैं लंड सहलाते हुए उनके बारे में ही सोच रहा था। मुझे पता ही नहीं चला कि वो कब पानी ले कर आ गईं।
मुझे लंड सहलाते हुए देखा तो आंटी बोलीं- सूरज क्या सोच रहे हो?
मैं सकपका कर बोला- कुछ नहीं आंटी..!
दरअसल मैं डर गया था। मैं जाने ही वाला था कि आंटी ने मुझे अन्दर खींच लिया और गेट बंद कर दिया।
मैं कुछ कहता इससे पहले आंटी बोलीं- तुम मेरी चुत के लिए ही सोच रहे थे न?
मैं कुछ नहीं बोला तो उन्होंने कहा- डरो मत।
मैंने ‘हाँ’ बोल दी।
फिर उन्होंने कहा- कभी सेक्स किया है?
मैंने कहा- नहीं.. बस ब्लू फिल्म देखी है।
आंटी अपने बड़े और रसीले होंठों से मेरे होंठों को चूसने लगीं। मैं भी उनके होंठों को चूसने लगा। धीरे-धीरे आंटी ने मेरा लोवर उतार कर लंड हाथ में ले लिया और नीचे झुक कर लंड चूसने लगीं।
मेरा लंड चूसते हुए आंटी बोलीं- आज मेरी प्यास बुझा दे।
मैं बोला- अंकल तो आपको रोज चोदते हैं, तब भी प्यासी हो?
उन्होंने कहा- तेरे अंकल का तुझसे छोटा है.. और वो जल्दी झड़ भी जाते हैं।
मेरा लंड आंटी के चूसने के कारण एकदम तन चुका था।