मेरी अन्तर्वासना और मेरी पहली चुदाई की कहानी
नमस्कार अन्तर्वासना की ख़ूबसूरत पाठिकाओं और पाठको, मैं इस हिन्दी सेक्स कहानी में अपनी अन्तर्वासना के बारे में बताने जा रहा हूँ। गोपनीयता के लिए अपना नाम मैंने बदल लिया है। मेरा नाम स्काई है। मैं दिल्ली से सटे ग़ाज़ियाबाद में रहता हूँ। मेरी उम्र 23 साल है। मेरा शरीर औसत है और मेरे लंड की लम्बाई 6″ है और मोटाई लगभग 3″, मतलब इतनी कि किसी भी महिला को खुश कर सके। खैर मैं कहानी पर आता हूँ अब!
मैं कम उम्र था जब मुझे पहली बार यौन क्रिया के बारे में पता लगा। उस समय मैंने अपने बगल में रहने वाली आंटी के कमरे में xxx ब्लू फ़िल्म पहली बार देखी थी। तब से ही मुझे हुस्न का भूत सवार है। मुझे उस टाइम मुठ मारनी तो आती नहीं थी तो अपनी जाँघों के बीच में अपने लंड को मसलता था। धीरे-धीरे मेरी वासना बढ़ती गयी पर कभी चूत का जुगाड़ नहीं हो पाया।
आखिर एक दिन मौका मिल ही गया। अभी इसी सितम्बर के आखिर में मेरा लंगोटिया यार मेरे कमरे पे (मैं अपने परिवार के साथ किराये पर रहता हूँ) एक औरत को ले आया। वो देखने में सांवली थी मगर उसके फिगर एकदम मस्त था, लम्बी कम थी, चूचे काफी उभरे हुए मादक लग रहे थे और गांड का तो पूछो ही मत। वैसे भी वासना में हर औरत हुस्न परी ही लगती है। उसकी उम्र कोई 28 साल की होगी।
जिस समय मेरा दोस्त रंडी को घर पे लाया था उस समय मेरे मकान मालिक भी घर पर ही मौजूद थे जो एक बुजुर्ग दंपत्ति हैं। उन दोनों को सुनाई कम देता है।
खैर अब आई चुदाई की बारी… तो जो लाया उसने पहले किया, वो भी दो बार और बूढ़े बुढ़िया की मौजूदगी में।
फिर मेरी बारी आई तो मैं थोड़ा घबरा रहा था क्योंकि बुढ्ढे बुढ़िया बहरे थे अंधे नहीं। उन्हें शक हो जाता तो गांड फट जाती। आपको बताना भूल गया कि मेरे मम्मी पापा दोनों काम पे जाते हैं और एक छोटी बहन कॉलेज गयी हुई थी इसीलिए घर पे सिर्फ मैं ही था।
खैर मैं डर रहा था तो दोस्त ने हिम्मत बढ़ा के अंदर कमरे में भेजा। मैं उसके साथ बिस्तर पे बैठ गया। फिर भी मुझे डर लग रहा था क्योंकि पहली बार था।
थोड़ी बहुत बात हुई, मैंने उससे कहा- शुरुआत तुम करो.
तो उसने अपनी कमीज़ (वो सूट सलवार में थी) उतार दी। उसके सांवले रंग पर काले रंग की ब्रा ने मेरी हालात ख़राब कर दी थी। मैं उसे देखता ही रह गया। उसके चूचे बहुत ही मादक थे। मैंने उसे लेटने को कहा तो वो लेट गयी, मैं उसके ऊपर आ गया।
मैंने उसकी ब्रा उतारी और उसकी एक दूध की थैली एक हाथ में और दूसरी मुँह में लेकर चूसने लगा। मैं तो पागल हो गया था पहली बार किसी लड़की के थनों चूस कर।
फिर मैं उसको होठों पर चूमना चाहता था पर उसने चूमने नहीं दिया, मैंने भी ज्यादा जिद नहीं की, मैं उसके शरीर से आ रही मादक खुशबू से मदहोश हो रहा था और उसके शरीर को बेतहाशा चूमे जा रहा था।