काम में मज़ा आया?
प्रेषक : आलोक कुमार
मैं आप सबको अपनी बात बता रहा हूँ।
मैं पुणे में बी.एस.सी कर के इलाहाबाद आ गया था। मैं ऑरकुट और याहू मैसेंजर पर चैट करता हूँ। मुझे एक मेल आया- मैंने सोचा कि स्पैम होगा पर सोचा चलो उत्तर लिख दूं।
मैंने मेल लिख कर भेज दिया, उसमें अपनी उमर और चाहत लिख दी। उसी समय जवाब आया कि याहू मैसेंजर पर जोड़ लो और मैंने उसे फ्रेंड जोड़ लिया।
तुरंत एक संदेश आ गया कि क्या तुम कम समय में पैसा कमाना चाहते हो?
मैं बोला- जरूर !
उसने बोला- आप अपना नाम बतायें !
और बात करने लगा।
मैं बोला- मैं पैसे कैसे कमाऊँगा?
वह बोला- आप मालिश करोगे?
मैं अचकचा गया, बोला- वो क्या?
बोला- महिलाओं की मालिश करोगे?
मैं बोला- यहाँ इलाहाबाद में?
वो बोला- हाँ और लखनऊ, कानपुर, बनारस जा सकोगे ?
मैं बोला- यार ये क्या बोल रहे हो?
वो बोला- जो कह रहा हूँ, समझ लो ! अगर करना है तो बोलो !
मैं बोला- पैसा?
वो बोला- उसकी चिंता मत करो ! तुम्हें तुरंत मिलेगा ! तुम जाओ, अपना काम करो और पैसा लो ! बस !
मैं हाँ कर दी। उसने मेरा फोटो माँगा। बोला- भेज दो और इन्तज़ार करो। आप यह कहानी अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं।
और थोड़ी देर में उसका जवाब आया- आज शाम इलाहाबाद में ही तुम इस नंबर पर कॉल कर लो और चले जाओ !
मैं बोला- मैं फ़ोन नहीं करूंगा, उसी को बोलो !
वह बोला- अच्छा ! और कहा- जैसा कहें वैसा करना ! और जो पैसा मिले लेकर आ जाओ !
और एक घंटें में मेरे फ़ोन पर एक कॉल आई, मैं बताये पते पर गया। वहाँ एक 35-38 वर्ष की महिला निकली और बोली- आप?
मैं बोला- फोन आया था !
बोली- तुम हो ! आओ !
और अंदर ले जा कर बैठाया, बोली- कुछ लोगे?
मैं बोला- जो आप दें !
वो अनार का जूस लाई इधर-उधर की बात की, फिर बोली- चलो अच्छा अंदर चलें !
और मुझे एक कमरे में ले गई और बोली- शुरू करो !
मैं घबरा रहा था, फ़िर भी हाथ में तेल ले कर उसके पाँव पर लगाया। उसने ब्रा और चड्डी के ऊपर से गाऊन पहना था।
उसने कहा- पूरा लगाओ ! जरा ठीक से अंदर तक लगाओ !
और वो चड्डी उतार कर लेट गई और बोली- तुम नये हो ? आओ अपना शर्ट खोल कर पैन्ट उतार दो !
बोली- शरमाओ नहीं !
और उसने मेरा अन्डरवीयर तक उतार दिया, बोली- शर्म मत करो !
और फिर उसने मेरा खड़ा लण्ड चूसना शुरु कर दिया। मैं आपे से बाहर हो गया, मैं भी उसको चूमने लगा, उसकी चूचियाँ चूसने लगा और फिर अपने आप हाथ नीचे उसकी चूत में डाल दिया, उंगली करने लगा। उसका चूत गीली हो गई थी। फिर मैं उसकी चूत पर अपना मुँह रख कर चाटने लगा।
वो वाह वाह कर उठी और बोली- और कर ! अंदर तक डाल रे !
मैंने अपनी जुबान अंदर तक डाल दी, उसनी अपना पानी छोड़ दिया, मैं चाटने लगा और वो चटवाती रही। आप यह कहानी अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं।
फिर मेरा लण्ड खड़ा था ही ! मैंने धीरे से उसको उसकी चूत पर रखा। वो बोली- वाह ! और बोली- डालो !
और मैंने डाल दिया। वो मेरा साथ देने लगी।