मेरी गर्लफ़्रेंड ने मेरा लंड बेच दिया
नमस्ते दोस्तो.. मेरा नाम रिक्की है, मैं फरीदाबाद का रहने वाला हूँ।
मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ। आज मैं अपनी पहली कहानी लिख रहा हूँ एवं इस मौके को देने के लिए मैं अन्तर्वासना का धन्यवाद करता हूँ।
यह कहानी बताएगी कि कैसे मेरी गर्लफ्रैंड कल्पना ने मुझे जिगोलो बनाया।
यह कहानी आज से चार साल पुरानी है.. जब मैं 23 साल का था। मैं और मेरी गर्लफ्रेण्ड एक दूसरे से बहुत प्यार करते थे। हमारे बीच सेक्स भी नियमित रूप से हर रोज़ होता था।
मेरे साथ सेक्स करके वह बहुत खुश और उत्तेजित रहती थी। उसके बड़े उरोजों को मसलना और उसकी कोमल सी चूत में अपना मोटा लिंग डालना हम दोनों को बहुत पसंद था।
एक दिन उसने मुझसे गोवा में पांच सितारा होटल में घूमने की मांग की.. जो मैं पैसों की कमी के चलते पूरा नहीं कर पाया, जिसकी वजह से हमारे बीच दूरियां बढ़ने लगीं लेकिन प्यार और आदत के चलते हम अलग भी नहीं हो सके।
अय्याशी वाली ज़िंदगी के लिए कल्पना ने एक तरकीब बनाई। एक रात उसने बहाने से मुझे अपने घर बुलाया और वहाँ से मुझे वह एक सहेली के घर ले गई।
उसकी सहेली का नाम सलोनी था। वो बहुत अमीर थी.. उसका घर नहीं महल था। क्या गज़ब का शरीर पाया था उसने। उसकी उम्र 32 के आस-पास थी।
वह उस घर में उस दिन अकेली थी, उसने हमारा स्वागत बड़े प्यार से और लज़ीज खाने से किया।
खाना खत्म करने तक मैं और सलोनी भी काफी खुल चुके थे। तभी कल्पना ने फोन उठाया और बाहर चली गई।
कुछ देर बाद वह अन्दर आई और मेरी गाड़ी की चाबी मांगी और कहा- मेरी माँ ने कुछ काम के लिए बुलाया है.. मैं काम करके जल्दी वापस आकर तुम्हें भी ले जाऊँगी।
वो चली गई और अब मैं और सलोनी घर में अकेले थे, हम दोनों बातें करने लगे..
सलोनी अब पूरी तरह खुल चुकी थी।
बातों ही बातों में उसने मुझे रात को वहीं रुकने को कहा।
मैंने मना किया और जब ये कहा कि कल्पना आती होगी.. तब उसने कल्पना की योजना मुझे बताई- वो नहीं आएगी.. उसने ही तुमको मेरे साथ रात गुज़ारने के लिए पूरे 15000 रूपए लिए हैं।
मैं हैरान रह गया और मन में गुस्सा भी बहुत हुआ।
इसी गुस्से में कल्पना को कॉल किया और बहुत लड़ाई की। उसने मुझे प्यार से अपनी अपने प्यार की कसम दी, उसने मुझे समझाया- पैसों और हमारे प्यार के लिए यह जरूरी है।
मैं उदास होकर चुपचाप वहीं सोफे पर बैठा रहा।
सलोनी मेरे करीब आई और मेरे बालों में हाथ फेरने लगी और कहने लगी- यार मैं अपने पति से खुश नहीं हूँ और मुझे तुमसे जिस्मानी प्यार चाहिए, उसी वजह से मैंने कल्पना से मदद ली।
मेरे मन में झंझावात चल रहा था कि कल्पना ने पैसौं के लिए मुझे सलोनी के पास बेचा।
मैं कुछ सोचता या बोल पाता, उससे पहले सलोनी खड़ी हुई और उसने अपने सारे कपड़े उतार दिए।