चचेरी बहन की सहेली स्कूल गर्ल की चुत चुदाई
हैलो दोस्तो.. मेरा नाम सन्नी आहूजा है। मैं रोहतक हरियाणा का रहने वाला हूँ। मेरे दोस्त कहते हैं कि मैं दिखने में स्मार्ट हूँ।
यह कहानी है सपना की.. जो मेरी चाची की लड़की के साथ स्कूल में पढ़ती है। वो दिखने में एकदम प्रियंका चोपड़ा जैसी लगती है। उसका साइज़ 32-26-34 का रहा होगा।
हुआ यूं कि मेरे पास कभी-कभी उसका फोन स्कूल जाने के लिए आया करता था। ऐसे ही हमारी बात होनी शुरू हो गई। फिर तो कभी-कभी वैसे भी फोन पर बात हो जाती थी।
एक दिन रात को मैंने उसे मैसेज कर दिया.. बदले में उसका रिप्लाई भी आ गया। वो शनिवार की रात थी.. तो दूसरे दिन जल्दी उठने की चिंता नहीं थी।
उस रात हमने एक बजे तक बात की।
कुछ दिन ऐसा ही चलता रहा।
एक दिन मैंने उसे एक अश्लील मैसेज भेज दिया.. फिर उसे ‘सॉरी’ लिख दिया। उसने भी उस रात को मुझे नॉनवेज मैसेज भेजा और हमारी बातों रुख़ बदलता गया।
एक रात को मैंने पूछा- क्या कर रही हो?
उसने बोला- बेड पर हूँ।
मैंने उससे बोला- आई लाइक यू..
उसने कोई जवाब नहीं दिया।
मैंने उससे दोबारा बोला, तो उसने बोला- कितने दिन लगा दिए तुमने..
मैंने कहा- मुझे तुम्हारे पास आना है।
तो उसने कहा- मना किसने किया है!
अगले दिन 8 फरवरी का दिन था, हमारे घर के सब लोग दिल्ली के पंजाबी बाग गए हुए थे.. मैंने उसको उस दिन अपने घर बुला लिया।
वो उस दिन ब्लैक टॉप और ब्लू जीन्स डाल कर आई थी.. क्या मस्त लग रही थी। इस टॉप में उसके चूचे क्या मस्त उठे हुए दिख रहे थे।
वो अन्दर आई.. मैंने उसे पानी पिलाया और अपने बेडरूम में लेकर आ गया। घर पर रात से पहले कोई आने वाला नहीं था.. तो हम ऐसे ही बेड पर लेते हुए टीवी देख रहे थे।
कुछ पल बाद मैंने उसे हग किया और उसके गालों पर किस कर दिया। वो थोड़ा शरमाई, मैंने फिर उसके होंठों पर किस किया।
दोस्तो क्या रसीले होंठ थे उसके, मैंने तो कुछ मिनट तक उसके होंठों को खूब चूसा और वो भी मेरे होंठों को चूसती रही। मुझे तो ऐसा लग रहा था जैसे मैं किसी जन्नत में हूँ।
मैंने किस करते हुए ही उसका टॉप उतार दिया उसने काले रंग की ब्रा पहनी हुई थी। अब वो अपना होश खो चुकी थी। मैंने अपनी टी-शर्ट को उतार दिया और उसकी ब्रा का हुक खोल दिया.. जिससे उसके दूध के कलश मेरे सामने एकदम से उछल कर आ गए।
जैसे ही मैंने उसके दूध चूसना शुरू किए.. उसके मुँह से सिसकारियां निकलने लगीं, वो उत्तेजना के मारे पागल सी होने लगी।
क्या मस्त चूचे थे उसके.. मुझे चूसने में बहुत मजा आ रहा था, उसके रसीले चूचे चूसते-चूसते ही मैंने उसकी जीन्स उतार दी। उधर उसका हाथ भी मेरे लंड पर था.. जिससे लंड बाहर निकलने को बेताब था।
वो धीरे-धीरे लंड दबा रही थी।
उसकी जींस के बाद मैंने उसकी पेंटी भी उतार दी, वो अब मेरे सामने बिल्कुल नंगी थी.. सच में मस्त माल लग रही थी।