बहन का लौड़ा -46
अभी तक आपने पढ़ा..
दोस्तो, अब बार-बार एक ही बात को क्या बताऊँ.. इनके बीच अब क्या होगा.. ये आप अच्छी तरह जानते हो.. तो चलो आपको यहाँ से आगे फास्ट फॉरवर्ड करके बताती हूँ।
राधे और ममता जब उत्तेजना की आग में जलने लगे.. तो राधे ने ममता को लेटा कर खूब चोदा.. उसकी चूत को पानी-पानी कर दिया..
दोपहर तक राधे ने ममता की गाण्ड और चूत को मार-मार कर लाल कर दिया था। वो ठीक से चल भी नहीं पा रही थी।
चुदाई के बाद ममता ने कपड़े पहन लिए.. मगर उसमें ज़रा भी हिम्मत नहीं थी कि वो खाना बना सके.. इसलिए वो बस बिस्तर पर पड़ी रही और मजबूरन राधे को खाना लाने के लिए बाहर जाना पड़ा।
अब आगे..
मीरा जब घर आई.. तो ममता लेटी हुई थी और राधे अब तक आया नहीं था।
मीरा- ओ हैलो.. ममता.. क्या हुआ.. ऐसे औंधे मुँह क्यों लेटी हुई हो.. क्या हो गया और राधे कहाँ है?
ममता- वो.. माफी चाहती हूँ बीबी जी.. मेरी तबीयत खराब हो गई.. इसलिए मैंने खाना नहीं बनाया.. साहब बाहर से खाना लाने गए हैं।
मीरा- ओह्ह.. तो ये बात है.. आज ऐसा क्या कर दिया राधे ने.. जो तेरी ये हालत हो गई.. लगता है आज राधे ने तेरी गाण्ड फाड़ दी है… हा हा हा हा..
ममता- मजाक मत करो बीबी जी.. मेरी हालत खराब कर दी आज तो.. क्या ताक़त है उनमें.. अभी तक पीछे का पूरा हिस्सा सुन्न हुआ पड़ा है..। ऐसा लगता है.. अभी भी अन्दर कुछ घुसा हुआ है..
मीरा- अरे ममता.. सच्ची.. मेरे साथ भी यही हुआ.. आज स्कूल में पूरा दिन कैसे बैठी.. ये मैं ही जानती हूँ यार.. सच में राधे जैसा मर्द कोई दूसरा नहीं होगा।
राधे- क्या बुराई हो रही है मेरी.. हाँ.. पीछे से दोनों मिलकर क्या बात कर रही हो?
मीरा- अरे आ गए.. कुछ नहीं बस ऐसे ही बात कर रहे थे..
राधे- अच्छा अच्छा.. जाओ.. कपड़े बदल लो.. गरमा-गरम खाना तैयार है।
ममता बड़ी मुश्किल से उठी और खाने को टेबल पर लगाने लगी।
मीरा ने ममता को कहा- तू भी आज हमारे साथ ही बैठ कर खाना खा ले।
तीनों ख़ुशी-ख़ुशी वहाँ बैठ कर खाना खाने लगे।
शाम तक सब नॉर्मल रहा.. ममता अब ठीक हो गई थी.. उसने रात का खाना बनाया और घर चली गई।
इधर मीरा और राधे भी नॉर्मल ही थे.. बस इधर-उधर की बातें और टीवी में अपना समय पास किया।
दोस्तो, यहाँ सब देख लिया.. मगर वहाँ शाम को रोमा ने क्या किया.. यह आपको बता देती हूँ।
स्कूल से घर आने के बाद रोमा बेचैन सी हो गई थी। उसके दिमाग़ में बस नीरज ही घूम रहा था।
उसने जैसे-तैसे जुगाड़ लगा कर अपनी माँ से कहा- मॉम मैं वो टीना के पास जाकर आती हूँ.. मुझे उससे कुछ नोट्स लेने हैं।
तो उसकी माँ ने उसे जाने दिया और वो सीधी पहुँच गई.. अपने यार नीरज के पास.. अब कहाँ और कैसे.. यह आप जानते ही हो.. तो आगे का हाल सुनो..
नीरज- ओह्ह.. रोमा ‘आई लव यू’ मुझे पता था.. तुम जरूर आओगी..
रोमा- पूरा दिन मैंने कैसे निकाला.. ये मैं ही जानती हूँ नीरज.. आपने क्या कर दिया मुझे… मेरे जिस्म में आग लगी हुई है.. उफ़..