सोचा… जीजा जी को परेशान करूँ
हैलो फ्रेंड्स, मेरा नाम प्रिया है। मैं अपनी ज़िन्दगी का पहला अनुभव आपके साथ शेयर करना चाहती हूँ। यह मेरी यहाँ पर पहली कहानी है, आपको अच्छी लगे या बुरी, मुझे मेल जरूर करें।
मैं अपनी कहानी शुरु करने से पहले अपने बारे में बता दूँ, मैं एक सेक्सी लड़की हूँ, मेरी उम्र 20 साल है और मेरा फिगर 30-28-32 है।
बात उस समय की है जब मैं बारहवी में पढ़ती थी, मेरी कई सहेलियाँ थी और सभी के बॉयफ्रेंड थे, पर मेरे नहीं थे, मैं अपनी क्लास में सबसे साधारण लड़की थी।
मेरी एक बेस्ट फ्रेंड थी जिसका नाम कंचन था, वह मेरी बहुत पक्की सहेली थी, उसका एक बॉयफ्रेंड था जिसका नाम राहुल था, वो बहुत स्मार्ट था।
मैं जब भी उसको देखती थी, मुझे बहुत बैचनी सी होती थी लेकिन वह मेरी सहेली का यार था इसलिए मैं कुछ कहती नहीं थी उससे ! एक दिन मैंने कंचन के फ़ोन से उसका नंबर निकाल लिया और अगली रात मैंने उसे मिसकाल किया।
उसका तुरंत फ़ोन आया पर मैं कुछ नहीं बोली।
मैंने दुबारा मिसकाल की, उसने दुबारा कॉल की, इस बार मैंने उठाया- हेल्लो…
वो- जी आप कौन? आपकी मिसकाल आई थी।
मैं- मैं प्रिया… कंचन की सहेली !
वो- इतनी रात को क्यों कॉल किया?
मैं- बस ऐसे ही सोचा… जीजा जी को परेशान करूँ।
मैं आपको बता दूँ, मैं उसे जीजाजी कहती थी।
फिर हम दोनों ने बहुत देर तक बात की, वो मेरे स्कूल में ही था पर हम स्कूल में बात नहीं करते थे।
फिर हम दोनों ऐसे ही रोज बात करने लगे, देर रात में सोते थे, कभी कभी सोते ही नहीं थे।
उसने कंचन को नहीं बताया कि मैं उससे फ़ोन पर बात करती हूँ।
एक दिन उसने मुझसे कहा- प्रिया, मैं आपको पसंद करता हूँ।
मैं मन में खुश हुई पर दिखावे के लिये मैं बोली- आप मेरे सहेली के बॉयफ्रेंड हैं।
उसने कहा- वो मुझे अच्छी नहीं लगती, आप लगती हैं।
फिर हम दोनों चोरी छुपे मिलने लगे और कंचन को नहीं पता था।
मेरी सहेलियाँ रोज अपने बॉयफ्रेंड से चुदवा के आती थी और बताती थी जिससे मुझे भी मन करता था।
एक दिन मैंने राहुल से कहीं अकेले मिलने को कहा तो वो मुझे अपने घर ले गया, उसका परिवार गाँव गया हुआ था।
मैंने उसे कहा- राहुल, तुम मुझे बहुत अच्छे लगते हो, जब भी मैं तुम्हें देखती हूँ, दिल में बहुत मन करता है कुछ करने को !
उसने कहा- क्या?
मैंने उसे चूमा और कहा- यह !
वो हंसने लगा और कहने लगा- सच बताऊँ… मुझे भी तुम कंचन से ज्यादा अच्छी लगती हो, पर मैं कभी कह नहीं पाया।
फिर हम दोनों चूमाचाटी करने लगे, एक दूसरे को प्यार करने लगे।
उसने धीरे से मेरे कपड़े उतार दिए।
पहले मुझे डर लग रहा था, मैंने कहा- कुछ होगा तो नहीं?
उसने कहा- कुछ नहीं !
वो मेरे उरोज चूसने लगा, मुझे बहुत अच्छा रहा था, पहली बार कोई लड़का मुझे छू रहा था।
फिर मैंने भी उसकी पैंट उतार दी और उसके लंड को ऊपर से हिलाने लगी।