बहन का लौड़ा -50
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मीरा ने राधे का हाथ हटाया और उसको प्यार से देखते हुए बोली- अरे मेरे भोले आशिक.. हिच.. हिच.. तुम्हारे जाने के बाद पापा का फ़ोन आया.. तो वो हिच.. मुझे बोल कर गए कि अर्जेंट काम आ गया है.. अब मैं कल तक आ पाऊँगा.. तुम राधा को हिच.. फ़ोन करके बुला लो हिच.. और दोनों जल्दी सो जाना.. तो मैंने सोचा आज बहुत दिनों बाद हिच.. खुल कर प्यार करेंगे.. तो बस मैं पूरी खुली हुई हूँ.. आओ ना.. प्यार करो ना मुझे..
राधे- ओह्ह.. तो ये बात है.. अब समझा तू इतनी बिंदास कैसे पड़ी है.. मगर ये बीयर कहाँ से आई.. ये तो बता.. मेरी जान?
अब आगे..
मीरा- पापा के जाने के बाद मैंने सोचा.. हिच.. तुमको बीयर पसन्द है.. तो आज मैं तुमको अपने हाथों से पिलाऊँगी.. हिच.. यही सोच कर वो नुक्कड़ पर जो दारू की दुकान है ना.. वहाँ से ले आई..
राधे- अरे बाप रे.. तू खुद लेकर आई.. किसी ने देखा तो नहीं ना.. वरना कोई पापा को बोल सकता है कि मीरा बीयर लेकर गई थी।
मीरा- ही ही ही.. मुझे.. हिच.. पागल समझा है क्या.. मैं नहीं लाई.. वो दुकान के पास.. हिच.. एक छोटा लड़का खड़ा था.. उसको पैसे दिए.. हिच.. और मंगवा ली.. ही ही ही ही..
राधे- अरे वाह.. मेरी जान.. मान गया तेरे दिमाग़ को.. मगर ये बता तू मेरे लिए लाई.. तो खुद क्यों पी गई?
मीरा- अबे चुप.. हिच.. कब से अगर-मगर बोल रहा है.. हिच.. मैं तुम्हारी ख़ुशी के लिए लाई थी.. हिच.. तुम नहीं आए.. तो मैंने सोचा थोड़ी टेस्ट कर लूँ.. उस दिन कड़वी लगी थी.. मगर अच्छी भी थी.. हिच बस यही सोच कर थोड़ी पी गई.. हिच.. जब थोड़ी पी.. तो और पीने का मन हुआ। फिर बैठ गई.. तो ये बोतल हिलने लगी.. हिच.. मैंने सोचा ये बोल रही है.. और पी.. और बस थोड़ी और.. थोड़ी और.. के चक्कर में पूरी बोतल ख़त्म हो गई।
राधे- अरे पूरी कहाँ.. तुमने तो आधी बोतल ही पी है.. मेरी जान..
मीरा- चुप.. चुप साली.. तू मेरी कैसी बहन है.. हिच.. मैं कब से लौड़ा माँग रही हूँ.. तू देती ही नहीं.. हिच.. मैंने तुमको पूरी बात नहीं बताई.. मैंने 2 बोतल मँगवाई थीं।
राधे ने इधर-उधर देखा.. तो सच में एक बोतल बिस्तर के पास खाली पड़ी थी। दूसरी आधी बिस्तर पर रखी थी..
मीरा- इधर-उधर क्या देखता है.. चल निकाल ना लौड़ा बाहर.. हिच.. मुझे अब लौड़े का रस पीना है। अब कुछ मत बोल बस.. सीधा नंगा हो ज़ा..
राधे खड़ा हो गया और कपड़े निकालने लगा। वैसे भी मीरा को देख कर उसकी वासना जाग उठी थी.. मगर वो उसके साथ बातों में उलझा हुआ था.. इसलिए देर कर रहा था।
राधे- अच्छा मेरी जान.. एक बोतल पीने के बाद.. दूसरी आधी क्यों छोड़ दी..? इसे भी गटक जातीं.. और ये चूत पर चॉकलेट का आइडिया कहाँ से आया?
मीरा- ही ही ही.. तुम बहुत बदमाश हो.. हिच.. हिच.. सब बात की जानकारी ले कर रहोगे.. ही ही ही.. एक बोतल ख़त्म होने के बाद.. मुझे ये बहुत अच्छी.. हिच.. लगी.. तो दूसरी भी खोल ली.. मगर आधी.. हिच.. होने के बाद मैंने सोचा तुम क्या पीओगे.. तो बस.. हिच..