पार्टी में बुला कर लन्ड का शिकार
हैलो दोस्तो.. मेरा नाम चेतन है। मैं दिल्ली में किराये के घर में रहता हूँ.. मैं सरकारी जॉब की तैयारी कर रहा हूँ।
मैं अन्तर्वासना का बहुत पुराना पाठक हूँ। मुझे कहानियाँ लिखना नहीं आता है.. पर कोशिश करूँगा की आपको पसंद आए।
मैं अपनी सच्ची घटना आपके सामने पेश कर रहा हूँ।
एक निजी संस्था से मैं अपनी तैयारी कर रहा हूँ। वहीं की एक लड़की जिसका फिगर लगभग 36-26-34 का होगा.. वो मेरे पास बैठी थी और हम दोनों क्लास में बैठे पढ़ रहे थे।
उसके पेन की इंक ख़त्म हो गई.. उसने मुझसे पेन के लिए पूछा- क्या आपके पास एक एक्स्ट्रा पेन होगा?
मैंने ‘हाँ’ करके उसको पेन दे दिया.. उसने मुझे ‘थैंक्स’ बोला और अपना काम करने लगी।
जब क्लास ख़त्म हुई तो हम जाने लगे.. तभी वो मेरे पास आई और मुझे पेन दे कर धन्यवाद देने लगी और हम बात करने लगे। बातों-बातों में मैंने उससे उसका नाम पूछ लिया और उसने मेरा नाम पूछा.. उसका नाम गिन्नी था।
उसने बताया कि वो भी रूम पर अकेली रहती है।
बातों ही बातों मैं हम काफ़ी अच्छे दोस्त हो गए थे.. उसने मेरा फोन नंबर ले लिया और मुझे मिस कॉल की.. जिससे मेरे पास भी उसका नम्बर आ गया।
फिर हम अपने घर पर चले गए।
फिर 4-5 दिन ऐसा ही चलता रहा। एक दिन मैं अपने रात के खाने के इंतज़ाम में ढाबे पर घूम रहा था.. तो उसकी कॉल आई.. मुझे अचानक से उसकी कॉल आई थी मैं भी थोड़ा चौंक गया था की इस समय इसकी कॉल कैसे आई है।
मैंने फोन उठाया तो उसने पूछा- कहाँ हो?
मैंने कहा- मैं ढाबे पर हूँ।
उसने मुझे बर्थ-डे पार्टी में इन्वाइट किया।
मैंने पूछा- किसका बर्थ-डे है?
उसने कहा- मेरा बर्थ-डे है आज..
मैंने तुरंत उसको बर्थ-डे विश किया- हैप्पी बर्थ-डे डियर.. आप जो चाहो वो आपको मिले..
वो ये सुनकर खुश हो गई और धन्यवाद देने लगी।
उसने मुझे 9 बजे घर पर बुलाया।
मैं ‘लविंग गिफ्ट’ लेकर 9 बजे वहाँ पहुँचा.. उसने मेरा स्वागत किया।
मैं बहुत खुश था.. वहाँ पर मेरे अलावा 2 लड़कियाँ और भी थीं।
मैंने उसको गिफ्ट दिया और जन्मदिन की बहुत शुभकामनाएँ दी।
उसने शुभकामनाओं को स्वीकार किया और हम सब पार्टी करने लगे।
फिर हम जाने लगे तो उसने मुझे रोका और कहा- अब रात बहुत हो गई है.. आज यहीं रुक जाओ.. मैं भी अकेली हूँ.. कल निकल जाना।
उसने बाक़ी दोनों सहेलियों को वहाँ से विदा किया.. क्योंकि उन दोनों का घर पास में ही था।
अब हम दोनों ने वहीं सोने का प्लान बनाया।
हम दोनों बातें करने लगे.. धीरे-धीरे बात आगे बढ़ते हुए सेक्स पर पहुँच गई।
उसने मुझसे कहा- मैं तुम्हें पसंद करने लगी हूँ।
फिर क्या था.. मैंने भी मौक़ा ना गंवाते हुए किस करना शुरू कर दिया।
मैंने उसके उरोजों को पकड़ लिए.. मैं गरम हो चुका था और अद्भुत आनन्द महसूस कर रहा था।
वो भी गर्म हो चुकी थी.. और हम ‘लिपलॉक’ करने लगे।