कजिन की सहेली खुद चूत चुदाने आई
मैं यूपी का निवासी हूँ, मेरी सेक्स स्टोरी में आप अभी का स्वागत है।
एक बार की बात है मैं अपने परिवार में ही एक शादी में कोलकाता गया था। शादी एक होटल में हो रही थी। हम सभी लोग होटल में चले गए। वहाँ मैंने देखा कि पूरा होटल बुक था। मैंने एक कमरे की चाभी ली और कमरे में जाकर टीवी देखने लगा।
टीवी देखने के कुछ ही देर बाद जानकारी हुई कि बारात आ गई। मैंने बाहर देखा कि बैंड बज रहा था और सब लोग डांस कर रहे थे।
मैं भी नीचे गया और मैंने देखा कि कुछ लड़कियाँ भी डांस कर रही थीं। मैं उन लड़कियों का डांस देखने लगा। मैंने देखा कि उनमें से एक लड़की बहुत ठुमक-ठुमक कर नाच रही थी, वो लड़की मुझे बहुत अच्छी लग रही थी।
उसे देखते ही मैं उसे चोदने के बारे में सोचने लगा। अब मैं उसे ध्यान से देखने लगा था। एक मर्तबा उसकी निगाह भी मुझ पर पड़ी और पता नहीं क्यों अब वो भी मेरी ओर देख कर अपने ठुमके लगाने लगी थी।
ये सब देखते ही देखते डांस का दौर ख़त्म हुआ और मैं वहाँ से अन्दर की तरफ आ गया, खाने की तरफ जाकर मैं चाट और पानी पूरी खाने लगा।
तभी मेरी कज़िन बहन उसी लड़की के साथ में अन्दर आई, जिसे मैं देख रहा था। मेरी कजिन ने मुझे देखा तो वो सीधे मेरी तरफ आ गई और उस लड़की से मुझे इंट्रोड्यूस कराने लगी।
मुझे पता चला कि उसका नाम अंकिता है और फिर उसने हैंडशेक किया।
उसके हाथ को टच करते ही तो मैं एकदम से गरम हो गया.. उसके हाथ क्या मुलायम थे।
परिचय के बाद वो दोनों अभी आगे बढ़ ही रही थीं कि तभी मेरी कज़िन ने मुझसे पूछा- तुम्हें कमरा मिला है या नहीं?
तो मैंने बताया- हाँ, मुझे थर्ड फ्लोर पर 307 नम्बर कमरे के चाभी मिली है।
फिर वो दोनों चली गईं और मैं भी अपने रूम में चला गया।
मैं बिस्तर पे तिरछे लेट के टीवी देख रहा था, तभी 15 मिनट बाद डोरबेल बजी। मैंने उठ कर दरवाजा खोला तो देखा कि मेरी कज़िन और अंकिता दोनों दरवाजे पर खड़ी थीं।
मैंने कहा- अन्दर आ जाओ।
वो दोनों अन्दर आ गईं और फिर हम तीनों बात करते हुए मूवी देखने लगे। अंकिता मेरी तरफ ही देख रही थी शायद उसकी भी मुझमें रूचि जाग गई थी।
तभी कुछ देर बाद मेरी कज़िन जाने के लिए कहने लगी तो मैंने कहा- ठीक है.. चली जाओ।
उन दोनों ने जाते वक़्त दरवाजा हल्का सा खींचा और चली गई, मुझे कुछ अटपटा सा लगा, पर मैं फिर से मूवी देखने लगा।
कुछ समय बाद अंकिता आई और उसने धीरे से दरवाजा लॉक कर दिया और आ के मेरे ऊपर लेट गई।
मैं एकदम से डर गया कि आख़िर कौन है जो मुझसे लिपट रहा है।
मैंने पीछे मुड़ कर देखा तो अंकिता थी।
मैंने कहा- अरे अंकिता.. तुम ये क्या कर रही हो?
उसने कहा- कुछ भी तो नहीं..!
मैंने कहा- ऐसा मत करो।