मेरी बहन निशा की डायरी
यह कहानी मेरे एक दोस्त रोहित ने भेजी है आप उसी के शब्दों में उसकी कहानी का आनन्द लें..
दोस्तो, मेरा नाम रोहित है और यह मेरी सच्ची कहानी है, मैं पहली बार लिख रहा हूँ.. शायद आपको अच्छी लगे।
मेरी बहन और मैंने कैसे एक-दूसरे के साथ सेक्स करना शुरू किया.. यह मैं आपको बताने जा रहा हूँ।
मेरा शहर नासिक है.. मेरी फैमिली में मेरे डैड.. मॉम.. मेरी बड़ी बहन निशा और मैं.. हम चार लोग ही हैं।
नासिक में हमारा बहुत बड़ा बंगला है जिसमें नीचे दो कमरे.. बड़ा सा हॉल और किचन है.. और ऊपर दो कमरे हैं.. ऊपर के कमरे में मॉम-डैड रहते थे.. जो कि हमेशा लॉक ही रहता था क्योंकि मेरे डैड का ट्रांसफर मुंबई में हो गया था.. तो मॉम कभी नासिक रहती थीं.. तो कभी मुंबई.. लेकिन ज़्यादातर मुंबई में ही रहती थीं।
नीचे का एक बेडरूम मेरा था और एक बेडरूम मेरी बहन का था.. जिसमें बाथरूम अटैच था।
बात साल 2003 की है.. तब मेरी उम्र 18 साल की थी और मेरी बड़ी बहन निशा की 20 साल थी। मैंने 12 वीं के बाद कंप्यूटर ब्रांच में इंजीनियरिंग डिप्लोमा का कोर्स ज्वाइन किया था।
निशा ने अपनी पढ़ाई के बाद आर्ट्स का कोर्स ज्वाइन किया था.. वो अभी फर्स्ट इयर में थी।
मेरी हाइट 6 फीट है.. रंग सावला.. चौड़ी छाती और अच्छा हट्टा-कट्टा होने की वजह से मैं हमेशा से अपनी उम्र से बड़ा दिखता था।
मेरी बहन अन्दर से भी बला की खूबसूरत है.. यह मुझे उसे नंगी देखने के बाद पता चला।
उसकी शक्ल.. जिस्म के कटाव और उसका सुनहरे रंग के बाल.. उसे मलिका शेरावत जैसे बनाते हैं।
हर कोई अपनी कहानी में लड़की की देहयष्टि को लिखने के लिए उसकी फिगर लिखता है लेकिन मुझे साइज़ का पता उस वक़्त नहीं था.. मैं तो बस इतना जानता था कि उसके मम्मे एकदम गोल और काफ़ी भरे हुए हैं।
उसकी कमर का कटाव एकदम उसकी अंडाकार गाण्ड से मिलता हुआ था। उफ.. लफ्जों में बयान करना भी मुश्किल है.. उसकी कमसिन क़ातिल जवानी को।
आज भी जब सोचता हूँ.. तब लण्ड सलामी देने लगता है।
दोस्तो.. मैं आपको बता दूँ कि मेरी बहन मुझसे बहुत प्यार करती है और मेरा ख़याल भी रखती है। बचपन से मुझे बुरी संगत और आदतें लग गई थीं.. जैसे शराब पीना.. सिगरेट पीना और मैंने ब्लू-फिल्म भी देखना शुरू कर दिया था।
मुझे आज भी याद है.. मैंने जब पहली बार मुठ मारी थी.. तब मैं बाथरूम में था और मेरे लंड का साइज़ 4 इंच ही होगा या उससे भी कम होगा। जब मैं पहली बार झड़ा था.. तब मेरे लंड से पारदर्शी पानी (स्पर्म) निकला था।
पहले-पहले ऐसे ही निकलता था.. लेकिन बाद सफेद रंग का गाढ़ा माल निकलने लगा।
जब डैड के ट्रांसफर के बाद मेरी बहन और मैंने साथ में मिल कर उस बंगले में अकेले रहना शुरू किया.. तो पहले 2-3 महीने तो नॉर्मल गुज़रे.. लेकिन मेरी नीयत खराब होने लगी थी.. जब मैंने अपनी बहन की डायरी पढ़ी।
जी हाँ दोस्तो..