मेरी मदमस्त रंगीली बीवी-19
अब तक आपने पढ़ा…
मैंने शॉर्ट्स में हाथ डाल कर सलोनी की चिकनी चूत को सहलाया और शॉर्ट्स नीचे सलोनी के पैरों में गिर गई, सलोनी नीचे से पूरी नंगी थी, उसने पैन्टी नहीं पहन रखी थी!
तभी बाहर से हल्की सी आहट सी हुई… कौन होगा?
जावेद चचा… पप्पू… कलुआ… या कोई और?
??
दरवाज़े की तरफ़ मेरी पीठ थी, मैं तो देख नहीं सका पर सलोनी ने तो जरूर देख लिया होगा।
कोई भी हो, मुझे क्या फ़र्क पड़ता है, जो बाहर थे वे तीनों तो सलोनी को नंगी देख ही चुके थे, उसके साथ काफ़ी कुछ कर चुके थे।
पप्पू और कलुआ ने तो सलोनी को जम कर चोदा था और जावेद चचा ने भी कोई कसर नहीं छोड़ी थी।
देख रहे हैं तो देखने दो… अब मुझे भी मजा आएगा कि कोई छिप कर हमारी चुदाई देख रहा है।
और मैं अपनी जानम सलोनी को मज़े से चोदूँगा।
मैंने सलोनी को नीचे उसके घुटनों पर बैठाया और उसने भी मेरी निक्कर नीचे करके लंड को आज़ाद कर लिया और सीधे सलोनी के होंठों के बीच घुस गया।
सलोनी चटकारे ले लेकर मेरे लंड को चूसने लगी रही जब कि उसकी नज़र दरवाजे की तरफ़ ही थी।
मुझे भी आभास हो रहा था कि परदा काफी हट गया है और जो भी आया था या आए थे, वे मज़े से इस नज़ारे का लुत्फ़ उठा रहे थे।
तभी सलोनी ने लंड चूसते चूसते ही अपने बाजू ऊपर उठा कर अपना टॉप निकाल दिया तो अब वह पूरी नंगी होकर मेरे लंड को किसी बावरी की भान्ति चूस रही थी।
इतना मज़ा मुझे कभी नहीं आया… सलोनी का इस प्रकार से लंड चूसना मैंने पहले कभी नहीं देखा था। सलोनी मेरे लन्ड को ऐसे चूस रही थी जैसे उसमें किसी फ़िरंगन विदेशी सेक्सी पोर्न एक्ट्रेस की आत्मा आ गई हो।
वह पूरे लंड को अपनी लार से गीला कर चुकी थी, उसका थूक टपक रहा था मगर लंड चूसने की सलोनी की गति बढ़ती जा रही थी।
मैंने तुरंत अपनी शर्ट निकाल कर अपने बदन का तापमान सही किया, सलोनी को उठा कर खड़ी किया जिससे मेरा पानी सलोनी के मुँह में ही ना निकल जाए!
मैं सलोनी को पूरी ताकत से चोदना चाहता था जिससे बाहर वालों को भी पता चल जाए कि सलोनी चूत चुदाई की प्यासी नहीं है, मैं भी उसको बहुत बढ़िया चोदता हूँ और सलोनी सिर्फ़ ज्यादा मज़े लेने के लिए ही गैरों से चुदवाती है।
मैंने सलोनी को बेड के किनारे पर इस प्रकार लिटाया कि उसके चूतड़ आगे को निकले हुए थे, उसकी दोनों टांगों को ऊपर हवा में उठा कर मैंने सलोनी की चूत देखी जो कुछ समय पहले ही चुदने के बाद भी फूली हुई थी और उसमें से अभी भी पानी रिस रहा था।
शायद इसको देख कर मुझे काफ़ी रोमांच हो रहा था, मैंने साइड से हल्के से दरवाज़े की तरफ़ देखा, मुझे 1-2 परछाई सी नज़र आई, ये वही लड़के और चचा ही थे जो हमारी चुदाई सरे आम देख कर मज़ा लूट रहे थे।
मैंने अपना बलंड सलोनी की चूत के मुँह पर रखा और एक ही धक्के में आधा लंड अंदर घुस गया।